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October 30, 2026
उत्तर प्रदेश

वाराणसी के 5 GI उत्पादों पर डाक विभाग ने जारी किया विशेष आवरण

-जीआई उत्पाद 'आत्मनिर्भर भारत' की संकल्पना को साकार कर वैश्विक स्तर पर अपनी ब्रांडिंग बनाने में होंगे कामयाब - पोस्टमास्टर जनरल

वाराणसी: डाक विभाग के ‘राष्ट्रीय डाक सप्ताह‘ में बुधवार को ‘फिलेटली दिवस‘ का आयोजन किया गया। शहर के प्रधान डाकघर में दिवस पर बच्चों के लिए डिजाइन ए स्टैम्प, क्विज, फिलेटलिक वर्कशॉप के अलावा ‘आजादी के अमृत महोत्सव‘ पर आधारित डाक टिकट प्रदर्शनी भी लगाई गई।

पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि इस कदम से वाराणसी के जीआई उत्पादों से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा। पारम्परिक हस्तशिल्प, हथकरघा और अन्य घरेलू उत्पादों से जुड़े ये जीआई उत्पाद ‘आत्मनिर्भर भारत‘ की संकल्पना को साकार करते हुए वैश्विक स्तर पर भी अपनी ब्रांडिंग बनाने में कामयाब होंगे।

डाक विभाग

इस अवसर पर वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने वाराणसी से सम्बंधित पाँच जीआई यानी भौगोलिक संकेतक उत्पादों-बनारस गुलाबी मीनाकारी क्रॉफ्ट, वाराणसी सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क, वाराणसी लकड़ी के लाख और खिलौने, बनारस मेटल रिपोज क्रॉफ्ट और वाराणसी ग्लास बीड्स पर विशेष आवरण और विशेष विरूपण भी जारी किया और इनकी प्रथम प्रति जीआई एक्सपर्ट पद्मश्री डॉ. रजनीकांत को भेंट की।

वाराणसी के जीआई उत्पादों को मिलेगी नई पहचान

पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि इन विशेष आवरण (लिफाफों) के माध्यम से बनारस की कारीगरी और यहां की संस्कृति देश -विदेश में प्रचार-प्रसार पायेगी। कहा कि पिछले दिनों वाराणसी से सांसद एवं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने अमेरिका दौरे के दौरान वहां की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस को बनारस की गुलाबी मीनाकारी का बना शतरंज भेंट किया था।

अन्य राष्ट्राध्यक्षों को भी प्रधानमंत्री वाराणसी के जीआई उत्पादों पर आधारित उत्पाद भेंट कर चुके हैं। इससे इन उत्पादों को एक नई वैश्विक पहचान मिली है। जीआई एक्सपर्ट पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने डाक विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे वाराणसी के जीआई उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। डाक विभाग की पहुंच सर्वत्र है। ऐसे में इसके माध्यम से जीआई उत्पाद भी घर-घर पहुंच सकेंगे।

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वाराणसी के जीआई टैग प्राप्त उत्पाद विश्व भर में अनोखी पहचान रखते हैं और इस कला को यहाँ के कारीगरों ने पुश्त दर पुश्त सदियों से सहेज रखा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 34 में से 17 जीआई उत्पाद वाराणसी और इसके आसपास के जिलों से हैं, जिनसे तमाम लोगों की रोजी रोटी भी जुड़ी हुई है।

स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से जीआई उत्पादों को आगे बढ़ाने की पहल की है, उससे इसे लोकल टू ग्लोबल रूप में नए आयाम मिल रहे हैं। फिलेटली दिवस पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पोस्टमास्टर जनरल ने सम्मानित किया गया।

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