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October 28, 2026
बिजनेस

यस बैंक केस: ईडी ने राणा कपूर के लंदन अपार्टमेंट को किया अटैच

- राणा कपूर, उनके परिवार और अन्य पर 4,300 करोड़ रुपये की मनी लॉंड्रिंग का है आरोप
- ईडी अबतक कपूर की 2,203 करोड़ की संपत्ति कर चुका है अटैच

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर का लंदन स्थित 1,77 साउथ आउडली स्ट्रीट के आवासीय फ्लैट को जब्त कर लिया है। कपूर, उनके परिवार और अन्य पर 4,300 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इसी के तहत 127 करोड़ रुपये (13.5 मिलियन पाउंड) के कपूर के इस अपार्टमेंट को ईडी ने अटैच किया है।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार 2017 में राणा कपूर ने अपार्टमेंट-1, 77 साउथ ऑडली स्ट्रीट, लंदन, यूके वाला आवासीय फ्लैट 9.9 मिलियन पाउंड (93 करोड़ रुपये) में डूइट (डीओआईटी) क्रिएशंस जर्सी लिमिटेड के नाम से खरीदा था। ईडी का दावा है कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत उसके सख्त होते ही राणा कपूर ने लंदन की इस प्रॉपर्टी को बेचने का फैसला कर लिया। उसने बिक्री के लिए प्रॉपर्टी कंसल्टेंट को हायर करने के साथ-साथ वेबसाइट पर भी लिस्ट किया।

यस बैंक केस

इसकी भनक लगते ही ईडी उक्त संपत्ति को जब्त कर ली। इससे पहले ईडी राणा कपूर की अमेरिका, दुबई और ऑस्ट्रेलिया में स्थित 2,203 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को भी अटैच कर चुकी है। ब्रिटेन के मामले में ईडी अब अटैचमेंट ऑर्डर को लागू कराने के लिए वहां की समकक्ष एजेंसी से संपर्क करेगी और नोटिस जारी कर यह घोषणा करेगी कि यह प्रॉपर्टी पीएमएलए के तहत अटैच की गई है। इसे अब बेचा या खरीदा नहीं जा सकता है।

क्या है पूरा मामला:

उल्लेखनीय है कि ईडी ईडी ने यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर, उनकी नॉन फाइनेंशियल कंपनी डीएचएफएल और इस कंपनी के दो प्रमोटरों कपिल व धीरज वधावन को 4,300 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी माना है। एजेंसी ने मार्च, 2020 में राणा कपूर को गिरफ्तार किया था। साथ ही अपनी जांच में भारत और विदेशों में कपूर परिवार से संबंधित 40 संपत्तियों की पहचान की है। कपूर परिवार के पास डूइट अर्बन वेंचर्स नाम की एक कंपनी है, जिसमें से डूइट क्रिएशंस एक सहायक कंपनी है। डूइट अर्बन वेंचर्स को डीएचएफएल से 600 करोड़ रुपये का कर्ज मिला था, जबकि यस बैंक के 3,700 करोड़ रुपये का कर्ज था।

ईडी का आरोप है कि राणा कपूर और उनके परिवार सहित अन्य लोगों ने बैंक के जरिए बड़े कर्ज देने और उसकी वसूली के लिए घूस लिया है। ये रिश्वत कथित तौर पर राणा के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों में निवेश के माध्यम से ली गई थी। इसी मामले में ईडी डीएचएफएल प्रमोटरों कपिल और धीरज वधावन की देश-विदेश में करीब 1400 करोड़ की संपत्ति भी अटैच कर चुकी है।

कई कंपनियों के निदेशक हैं राणा परिवार : 

र्ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनियों के रजिस्ट्रार के पास उपलब्ध दस्तावेज बताते हैं कि 2012 में राणा कपूर की पत्नी बिंदू को डूइट की निदेशक के रूप में शामिल किया गया था। वर्तमान में इसकी निर्देशक  उनकी बेटियां रोशिनी कपूर और राधा कपूर खन्ना हैं। कंपनी के पास कोई कर्मचारी नहीं है और मार्च 2019 को समाप्त हुए वर्ष में डूइट ने 59.33 करोड़ रुपये के राजस्व पर 48 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाया है।

मॉर्गन क्रेडिट्स प्राइवेट लिमिटेड भी डूइट अर्बन के प्रमोटर्स में से एक है और इसके डायरेक्टर कपूर की बेटियां रोशिनी कपूर, राखी कपूर टंडन और राधा कपूर खन्ना हैं। ईडी के अनुसार राणा कपूर, कपिल वधावन और धीरज वधावन को मनी लॉन्ड्रिंग में उनकी भूमिका के लिए पहले गिरफ्तार किया गया था और अभी ये तीनों न्यायिक हिरासत में हैं। आगे की कार्रवाई जारी है।

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