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October 30, 2026
खेल जगत

दीपिका कुमारी विश्व तीरंदाजी में नंबर 1 मुकाम हासिल करने में सफल रहीं

रांची: झारखंड की महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी एक के बाद एक सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हुए फिर विश्व में नंबर 1 का मुकाम हासिल कर लिया है। दीपिका कुमारी के इस विश्व तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन से उसके माता-पिता बेहद खुश हैं। दीपिका के लगातार स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनके घर में जश्न मनाया जा रहा है और परिवार के लोग एक दूसरे को मिठाईयां खिलाकर बधाईयां दे रहे हैं। इतना ही नहीं पूरा इलाका दीपिका की इस उपलब्धि पर खुशियां मना रहा है।

दीपिका कुमारी तीरंदाजी

रांची की रहने वाली इस तीरंदाज ने विश्व कप के तीसरे चरण में रविवार को तीन स्वर्ण पदक जीतने के बाद सोमवार को भी एक स्वर्ण पदक जीता। इससे पूर्व उसने वर्ष 2012 में भी नंबर एक की रैंकिंग हासिल की थी। एक बार फिर वह पूरे फार्म में हैं।

तीरंदाज दीपिका का अगला लक्ष्य है टोक्यो ओलंपिक

तीरंदाजी में विश्व शिखर पर पहुंचने वाली दीपिका के पिता शिवनारायण ने कहा कि हम बहुत खुश हैं। दीपिका का अगला लक्ष्य ओलंपिक है। हमें उम्मीद है कि वह अपने पति (अतनु दास) के साथ स्वर्ण पदक लाएगी। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि बेटी एक के बाद एक स्वर्ण पदक जीत रही है। इससे घर में उत्सव का माहौल है।

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उन्होंने दीपिका और उसके पति अतनु दास को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि हमें उम्मीद है कि दोनों और स्वर्ण पदक जीतेंगे। दीपिका की मां गीता देवी ने कहा कि अब हमारे परिवार में दो खिलाड़ी हैं। वे एक साथ खेलते हुए अधिक आत्मविश्वास महसूस करते हैं। वे निश्चित रूप से टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतेंगे। कोच और अर्जुन मुंडा ने शुरू से ही उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद की।

उन्होंने कहा कि दीपिका के स्वर्ण पदक जीतने से वह काफी खुश हैं। उनकी इस खुशी में पूरा इलाका शामिल हो रहा है और हमें अपने बेटी पर गर्व है। तीरंदाज दीपिका कुमारी ने विश्वकप में अब तक चार स्वर्ण पदक जीता है। अगले महीने तोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाली वह भारत की एकमात्र महिला तीरंदाज हैं।

Deepika Kumari Medals

अर्जुन तीरंदाजी अकादमी में दीपिका कुमारी ने तीरंदाजी के गुण सीखे

दीपिका का यह तीसरा ओलंपिक है। दीपिका के पिता ऑटो चलाते हैं और उनकी मां नर्स हैं। जानकारी के अनुसार जब दीपिका छोटी थी तब उसने पिता से दस रुपये लिए और पहली बार किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। यह प्रतियोगिता लोहरदगा जिले में हुई थी, जिसमें दीपिका ने जीत दर्ज की थी और यहीं से उसके करियर की शुरुआत हुई।

वर्ष 2005 में उसके पिता शिवनारायण उसके प्रदर्शन को देखने के बाद तीरंदाजी की कोचिंग दिलाने उसे लेकर अर्जुन तीरंदाजी अकादमी खरसावां पहुंचे। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा द्वारा संचालित अकादमी में दीपिका को दाखिला मिल गया, जहां उसने तीरंदाजी के गुण सीखे।

वर्ष 2006 में दीपिका का चयन टाटा आर्चरी अकादमी जमशेदपुर में हो गया। इसी वर्ष मैक्सिको में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में कंपाउंड सिंगल्स में दीपिका ने गोल्ड जीता। दीपिका की शादी 30 जून, 2020 को अतनु दास से हुई। दीपिका कुमारी को यहां तक पहुंचने में काफी संघर्ष करना पड़ा है। 

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