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October 30, 2026
बिहार

सीएम ने मौलाना अबुल कलाम की जयंती पर डॉ. शंकर झा को दिया शिक्षा पुरस्कार

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर गुरुवार को शिक्षा दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ. शंकर नाथ झा को मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार-2021 से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें पुरस्कार स्वरूप अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं ढाई लाख रुपये का चेक प्रदान किया।

मौलाना अबुल कलाम

नीतीश ने कहा कि बिहार में शिक्षा दिवस का आयोजन शुरू करने के बाद हमने राष्ट्रीय स्तर पर भी शिक्षा दिवस का आयोजन करने के लिए केंद्र सरकर को पत्र लिखा। केंद्र सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया और वर्ष 2008 के 11 नवंबर से राष्ट्रीय स्तर पर भी शिक्षा दिवस का आयोजन प्रारंभ हो गया।

बिहार में शिक्षा दिवस के अवसर पर बहुत बड़ा कार्यक्रम का आयोजन करते रहे हैं। इन दिनों कोरोना का दौर चल रहा है। इस बीच में कोई कार्यक्रम करना उचित नहीं है। इसलिए संक्षिप्त रूप में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार-2021 से सम्मानित

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ शकर नाथ झा के कामों को देखते हुए आज उन्हें मौलाना अबुल कलाम आजाद शिक्षा पुरस्कार-2021 से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में मौलाना अबुल कलाम आजाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

उस समय वे कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। आजादी के बाद जब देश दो हिस्सों में बंट गया तो काफी बुरा हाल था। स्थिति को सामान्य करने के लिए बापू सहित अन्य सभी लोग जगह-जगह घूम रहे थे।

उस समय अल्पसंख्यक समुदाय के लोग यहां से जा रहे थे तो मौलाना अबुल कलाम आजाद साहब ने ही कहा था कि यह देश आपका है, यहां से क्यों जा रहे हैं। उसके बाद लोग रुक गये और स्थिति सामान्य हुई। उनका योगदान बहुत बड़ा है। भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री के रूप में भी उन्होंने इस देश में काफी काम किया।

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शिक्षा विभाग को धन्यवाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने तय किया है कि अपने स्कूली बच्चों को मौलाना अबुल कलाम आजाद के किये गये काम और उनके जीवनी के बारे में बताया जाएगा। यह सब शुरू भी करा दिया गया है। इसके लिए मैं शिक्षा विभाग को धन्यवाद देता हूं।

मौलाना अबुल कलाम आजाद के जीवन एवं उनके कार्यों को हमलोगों को याद रखना है और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। भावी पीढ़ी भी उनके विषय में भलीभांति अवगत हो सके और यह जान सके कि कितनी संघर्ष के बाद भारत को आजादी मिली। इस बार छठ पर्व में भी बहुत लोग ठीक ढंग से शामिल हुए।

कहीं भी किसी प्रकार की अशांति देखने को नहीं मिली। सब ठीक ढंग से हुआ। हम सभी लोगों का अभिनंदन करते हैं और सबको बधाई देते हैं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी उपस्थित थे।

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