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October 30, 2026
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छह माह में एक लाख से अधिक युवाओं को उद्योगों व एमएसएमई से जोड़ेगी सरकार

-मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत एमएसएमई में 50 हजार युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग
-शिक्षुता प्रशिक्षण के लिए सरकारी कार्यालय व एमएसएमई में किए जाएंगे नियोजित
-मुख्य सचिव की ओर से सभी विभागों को निर्देश जारी

लखनऊ़ : उत्तर प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास के साथ राज्य सरकार उनको रोजगार उपलब्ध करा उनके सपनों को पूरा करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के शासकीय, अशासकीय, एमएसएमई, सहकारी, निगम एवं निजी उद्योगों में 50 हजार युवाओं को ट्रेनिंग के लिए रखा जाएगा। इस सम्बंध में मुख्य सचिव की ओर से सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

एमएसएमई

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि कौशल विकास की ओर से अकेले एमएसएमई में 50 हजार युवाओं को शिक्षुता प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा औद्योगिक विकास विभाग में 35 हजार व 18 विभागों में 37 हजार युवाओं को शिक्षुता प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को 2500 रूपए प्रशिक्षण भत्ता भी मिलेगा।

प्रदेश के अप्रशिक्षित युवाओं को कौशल विकास विभाग की ओर से मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप (शिक्षुता) प्रोत्साहन योजना तहत प्रशिक्षित कर युवाओं के हुनर को पंख दिए जा रहे हैं। इस योजना के जरिए प्रदेश के हर जिले में युवा हब बनाने की सरकार की परिकल्पना साकार करने का काम विभाग की ओर से किया जा रहा है। इससे हुनरमंद युवा स्वरोजगार की ओर आगे बढ़ेंगे। शिक्षुता योजना में युवाओं को प्रशिक्षण के साथ 2500 रुपये प्रशिक्षण भत्ता हर महीने दिया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 1500 रुपये मासिक जबकि राज्य सरकार की ओर से 1000 रुपये प्रशिक्षण भत्ता दिया जाता है।

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एमएसएमई विभाग में 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षण

प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत अकेले सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से संचालित हो रही विभिन्न योजनाओं में 50 हजार युवाओं को शिक्षुता दक्षता के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा औद्योगिक विकास विभाग में 35 हजार युवाओं को प्रदेश में संचालित हो रहे विभिन्न भारी उद्योगों में दक्षता प्रशिक्षण दिया जाएगा ।

नगर विकास समेत 18 विभाग में 37 हजार युवाओं को ट्रेनिंग

उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास व एमएसएमई के साथ प्रदेश के 18 और विभागों में 37 हजार युवाओं को दक्षता प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में पांच हजार, नगर विकास विभाग में एक हजार, सिंचाई विभाग में पांच हजार, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में 400, पर्यटन विभाग में 100, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग में दो हजार, चिकित्सा शिक्षा विभाग में एक हजार, व्यावसायिक एवं कौशल विभाग में 600, प्राविधिक शिक्षा में एक हजार, लोक निर्माण में चार हजार, ऊर्जा विभाग में आठ हजार, परिवहन विभाग में 800, कृषि, गन्ना, उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण एवं सहकारिता विभाग में आठ हजार, पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग में आठ हजार, आवास एवं नियोजन में पांच हजार, यूपी आवास विकास परिषद में 160, यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन में 80 और पंचायती राज विभाग में 4200 युवाओं को प्रशिक्षण देकर उनकी दक्षता को बढ़ाया जाएगा ।

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