कोटा: राज्य सरकार के निर्देश पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोले जाने से विरान पड़ी शिक्षा नगरी में फिर से जान फूक दी है। बुधवार से शैक्षणिक संस्थानों में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से छात्रों में जबरदस्त उत्साह का माहौल नजर आया। कोरोना गाइडलाइन की पालना करते हुए कोचिंग संस्थान व स्कूलों में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए है।
हालांकि कोरोना से बचाव के लिए 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों की डोज नहीं आने से परिजन बच्चों की सुरक्षा को लेकर आशंकित रहे लेकिन कोटा में स्कूल व कोचिंग स्थान की ओर से किए गए सुरक्षा बंदोबस्त के बाद स्कूल संचालक से लेकर शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा बच्चों के अभिभावकों ने सरकार के निर्णय पर खुशी जाहिर की है।

कोरोना महामारी के चलते शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने से अब तक छात्र अपनी तैयारी ऑनलाइन के माध्यम से पूरी कर रहे हैं। ऑफलाइन से ऑनलाइन शिक्षा का अबतक का सफर छात्रों के लिए अनुठा अनुभव रहा। शिक्षा पर कोरोना के असर के चलते समय की मांग के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों ने छात्रों को पढ़ाने के तरीके में बदलाव करते हुए बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की।
ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, कई ग्रामीण क्षेत्रों में नेट कनेक्टीविटी नहीं होना, छात्रों को शिक्षा के लिए एंड्रोइड मोबाइल की व्यवस्था आदि साथ ही ऑनलाइन कक्षा के दौरान छात्रों को घंटों कम्प्यूटर, लेपटॉप व मोबाइल पर बना रहना पड़ता था। जिससे उनके स्वास्थ्य व आंखों पर भी गहरा प्रभाव पड़ रहा था।
छात्र छात्राओं ने तालियां बजाकर किया स्वागत
कोटा में स्कूल व कोचिंग संस्थान के खुलने के बाद एक बार फिर 9वीं से 12 कक्षा के छात्र छात्राऐं ड्रेस कोड के साथ मुंह पर मास्क लगाकर स्कूल पहुंचे। कई अभिभावक भी अपने बच्चों के साथ स्कूल तक आए। स्कूल प्रबंधक की और से शिक्षा विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए सेनेटाईज की व्यवस्था की गई साथ ही कक्षाओं में एक बेंच पर दो स्टूडेंटों को कुल 15 से 20 छात्रों को एक कक्ष में रखा गया।
लम्बे अर्से बाद छात्रों को अपने शिक्षकों व दोस्तों से मिलने का अवसर मिला जिसके चलते उनके चहरे पर खुशी की लहर नजर आई। छात्र छात्राओं ने क्लासों में शिक्षकों का तालियां बजाकर स्वागत किया। इस दौरान शिक्षकों व छात्रों में ऑफलाइन कक्षा शुरू होने से जबदरस्त उत्साह नजर आया।
Also Read: आधुनिक-प्राकृतिक खेती और प्रदूषित होती धरती का मर्म
30 फीसदी सेलेबस कम, हर माह देना होगा टेस्ट:
राज्य सरकार द्वारा 9वी से 12वीं तक के स्कूल खोलने के निर्णय के साथ ही शिक्षा विभाग की ओर से सिलेबस 30 फीसदी कम करने का निर्णय लिया गया है। कोरोना की तीसरी लहर के मध्यनजर शिक्षा विभाग ने आगे की योजना तैयार की है। अब हर महीने में बच्चों के टेस्ट लिए जाएंगे ताकि अगर भविष्य में कोरोना के चलते परीक्षाएं नहीं हो पाती हैं तो इन टेस्ट के जरिए उनका मुल्यांकन हो सके।
टेस्ट में प्रदर्शन के आधार पर उन्हें माक्र्स मिल जाएंगे। 10वीं 12वीं या अन्य किसी कक्षा के एग्जाम हम अगर नहीं करा पाते हैं तो हमारे पास बच्चों की क्षमता का आकलन करने की सामग्री होगी। उन्होंने कहा कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खुलने पर जो स्थितियां पैदा होंगी, उसी के आधार पर आगे अन्य कक्षाओं के लिए निर्णय लिया जाएगा।