-गुजरात के आणंद में 4 घंटे में 7 इंच, सूरत में 3 इंच बारिश -उत्तराखंड के चमौली में बदरीनाथ हाइवे कई जगह बाधित -दिल्लीवासियों को मानसूनी बारिश का करना होगा इंतजार
गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत देश कई राज्यों में हो रही जोरदार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गुजरात के आणंद जिले में शुक्रवार सुबह करीब चार घंटे में 7 इंच और सूरत में पिछले 24 घंटे में 3 इंच बारिश हुई है। सूरत में अधिकतर सड़कें जलमग्न हो गई हैं और नदी-नाले उफान पर हैं।
देश की राजधानी दिल्ली को अभी मानसूनी बारिश के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। मानसूनी हवाओं के 27 जून तक राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने का अनुमान है।
उत्तराखंड के चमौली जिले में जोरदार बारिश से बदरीनाथ हाई-वे कई जगह बाधित हो गया है। प्रदेश की सभी नदियां उफान पर हैं लेकिन खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। बारिश से गढ़वाल और कमाऊं में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने 20 जून तक बारिश का रेड अलर्ट जारी करते हुए छोटी नदी, नालों के पास रहने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है।
बिहार के उत्तर पश्चिम क्षेत्र में 21 जून तक सामान्य से अधिक बारिश होगी। यहां के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पश्चिम चंपारण, सीवान, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज आते हैं। उत्तर मध्य बिहार के जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 19 जून तक अलर्ट है। इसी तरह उत्तर पूर्वी बिहार, दक्षिण पूर्व बिहार, दक्षिण मध्य बिहार और दक्षिण पश्चिम बिहार में भी कहीं-कहीं सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।

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बंगाल की अधिकतर सड़कें जलमग्न, नदी-नाले उफान पर
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत राज्य के अन्य हिस्सों में पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही जोरदार बारिश से राज्य की अधिकतर प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गई हैं। शनिवार तक भारी बारिश के अलर्ट की वजह से नदियों का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका है। दक्षिण बंगाल में लगातार बारिश से अजॉय, दाराकेश्वर, ब्राह्मणी, शिलावती, सुवर्णरेखा और कंगसावती सहित कई नदियों का जल स्तर बढ़ गया है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
झारखंड के गिरिडीह जिले में पिछले तीन दिनों से जारी बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला मुख्यालय की उसरी समेत कई नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। जिले के कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश से कई छोटे-बड़े पुल-पुलिया टूट गए हैं। शुक्रवार को कई नदी-नालों का जल स्तर बढ़ने से क्षेत्रीय नदियां पूरी तरह से उफान पर हैं। इलाके के कई घरों में बारिश का पानी घुस गया है।
वहीं, कर्नाटक के कई इलाकों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। चिकमंगलुरु के मलेनाडु में तीन दिन से तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। करावली के कई इलाकों में बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया है।
उप्र के 25 जिलों में भारी बारिश के आसार
मानसूनी बारिश ने उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाके में एक सप्ताह पहले ही दस्तक दे दिया, लेकिन अब यह कमजोर पड़ता दिख रहा है। सोनभद्र, प्रयागराज, कौशांबी, हमीरपुर, बरेली, सहारनपुर, लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में मानसून दस्तक देकर कमजोर पड़ गया है। वहीं गुरुवार रात को बांदा, कानपुर सहित आसपास के जिलों में अचानक झमाझम बारिश होने लगी। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के 25 से अधिक जिलों में अगले 24 घंटे में जोरदारबारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी तथा आसपास के इलाकों में बहुत जोरदार बारिश का अनुमान है। इसके अलावा सोनभद्र, मिर्जापुर, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, अयोध्या तथा अंबेडकर नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का पूर्वानुमान है।

मप्र : सतपुड़ा जलाशय के तीन गेट खोले गए
मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही अब बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में जोरदार बारिश का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिक जीडी मिश्रा के मुताबिक झारखंड में कम दबाव का सिस्टम बना हुआ है। इस वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादा बारिश की संभावना है। इसके चलते रीवा, शहडोल संभाग के जिलों में तेज वर्षा हो सकती है। भोपाल, होशंगाबाद, ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की भी संभावना भी है।
गुजरात, मप्र, राजस्थान में और आगे बढ़ा दक्षिण पश्चिमी मॉनसून
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। दिल्ली को मॉनसून की बौछारों के लिए अभी इंतजार करना होगा। मानसूनी हवाओं के 27 जून तक राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने का अनुमान है। अगले 24 घंटे में गुजरात, मध्य प्रदेश के बाकी हिस्सों में, दक्षिण राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं।
मौसम विभाग ने गुरुवार को कहा था कि पश्चिमी हवाओं का असर मॉनसून पर 23 जून तक बना रह सकता है इसलिए दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्से में इस दौरान मॉनसून नहीं पहुंचने के आसार है। मॉनसून के आगे बढ़ने का क्रम 26 एवं 30 जून के बीच धीरे-धीरे मजबूत होने की उम्मीद है।