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October 30, 2026
खेल जगत

एएफसी चैम्पियनशिप जीतना, सबसे संतोषजनक पल: बाइचुंग भूटिया

नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया का मानना है कि एएफसी चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई करना उनके करियर का सबसे संतोषजनक पल रहा है। भारत ने 2008 एएफसी चैलेंज कप जीतकर एशियन कप की सीट हासिल की थी और उस टूर्नामेंट में भूटिया प्लेअर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे। उन्होंने फाइनल में ताजिकिस्तान के खिलाफ तीन गोल किए थे। भूटिया ने कहा, ‘‘एएफसी चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई करना मेरे करियर का सबसे संतोषजनक पल रहा है।’’

बता दें कि भूटिया ने भारत के लिए अपना अंतिम मैच साल 2011 में आयोजित एएफसी एशियन कप में दक्षिण कोरिया के खिलाफ कतर में खेला था। आस्ट्रेलिया और बहरीन के खिलाफ चोट के कारण नहीं खेल पाने के बाद भूटिया दूसरे हाफ में सुपर-सब के तौर पर मैदान में उतरे थे। इरादा भारत को हार से बचाने का था लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सके थे।

ब्ल्यू टाइगर्स नाम से मशहूर भारतीय टीम को उस मैच में 1-4 से हार मिली थी। इसके साथ भी भारत के सर्वकालिक महान फुटबाल खिलाड़ियों में से एक बाइचुंग भूटिया के शानदार करियर का समापन हुआ था।

एएफसी

देश के लिए 100 मैच खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी

भूटिया ने एक साक्षात्कार में कहा, “भारत के लिए खेलना अपने आप में काफी भावनात्मक अनुभव होता है और ऐसे में जबकि आप अपने देश के लिए 100 से अधिक मैच खेल चुके हों तो भावनाएं पूरे उफान पर होती हैं।” भूटिया ने देश के लिए खेले गए अपने अंतिम मैच को याद करते हुए कहा, ‘‘टीम के साथ रहना और टीम के साथ यात्रा करना, ये दो ऐसी चीजें हैं जिन्हें मैं आज सबसे अधिक मिस करता हूं।’’ भूटिया ने जब संन्यास लिया था तब वह देश के लिए 100 मैच खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी थे। 

1995 में भूटिया ने नेहरू कप में उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपना डेब्यू इंटरनेशन गोल किया था। वह उस समय 19 साल की उम्र में भारत के लिए सबसे कम उम्र में गोल करने वाले खिलाड़ी बने थे। साल 2009 में आयोजित नेहरू कप में भूटिया ने अपना 100वां मैच खेला था। किर्गिस्तान के खिलाफ हुए उस मैच को भारत ने 2-1 से जीता था। उस मैच में भी गोल किया था और इसके बाद उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ भील किया। 

भारत ने सीरिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराते हुए टूर्नामेंट का खिताब जीता था

भूटिया एक बार फिर प्लेअर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे। कतर ने हाल के दिनों में काफी विकास किया है। मध्य पूर्व का यह देश मौजूदा एशियन कप चैम्पियन है और 2022 में फीफा विश्व कप की मेजबानी भी करने जा रहा है, जो एशिया का दूसरा और अरब जगत का पहला विश्व कप होगा।

कतर ने एशिया में दूसरी बार और मध्य-पूर्व में पहली बार होने जा रहे इस आयोजन के लिए अत्याधुनिक तकनीक और विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस शानदार स्टेडियम तैयार किए हैं, जो अभी से ही फुटबाल प्रेमियों को आकर्षित करने लगे हैं। 

FIFA-AFC

विश्व कप के लिए आठ स्टेडियम तैयार करने की प्लानिंग कतर ने की थी और इनमें से चार का उद्घाटन भी किया जा चुका है। शेष पर तेजी से काम जारी है। इन स्टेडियमों के माध्यम से कतर प्रशंसकों के लिए शानदार अनुभव का वादा कर रहा है। रोचक बात यह है कि 2022 विश्व कप कतर कोरोना महामारी के बाद आयोजित होने वाले प्रमुख खेल आयोजनों में से एक होगा।

कतर ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हैं काफी पैसे खर्च

भूटिया ने कतर के विकास को लेकर कहा, ‘‘कतर ने इंफ्रास्टक्चर पर काफी पैसा खर्च किया है। यही कारण है कि वह एशियन कप और विश्व कप जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी कर रहा है। यह अपनी टीम को भी अच्छे से तैयार कर रहा है और यही कारण है कि वे आज एशियाई चैम्पियन हैं।’’ 

कतर में बिताए गए अपने समय को लेकर भूटिया ने आगे कहा, ‘‘साल 2011 में कतर में खेलना मेरे लिए तथा टीम के लिए शानदार अनुभव था क्योंकि यह सबसे बड़े टूर्नामेंट्स में से एक है। लेकिन दुर्भाग्य से मैं चोटिल था और सिर्फ एक मैच में खेल सका। मैंने उस समय के टॉप फुटबालर्स को वहां खेलते देखा है और यह शानदार अनुभव था। कुल मिलाकर वहां का माहौल शानदार था।’’ 

यह भी पढ़ें: मप्र के स्टॉर खिलाड़ियों ने रचा इतिहास, देश को दिलाए दो स्वर्ण पदक

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