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October 30, 2026
खेल जगत

टोक्यो ओलंपिक: स्वर्ण में बदल सकता है मीराबाई चानू का रजत पदक

टोक्यो: टोक्यो ओलंपिक से एक ऐसी खबर आ रही है, जिससे 135 करोड़ भारतीयों की खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। भारोत्तोलन में 49 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई चानू ने रजत पदक जीता था। दरअसल अब चानू का पदक सोने में तब्दील हो सकता है। क्योंकि चीनी खिलाड़ी होऊ झिऊई पर डोपिंग का शक है।

मीराबाई चानू

होउ झिऊई आज अपने देश लौटने वाली थी। लेकिन उन्हें रोककर रखा गया है। ओलंपिक में ऐसा पहले भी हो चुका है। जब डोपिंग में फंसने के कारण खिलाड़ी का पदक छीना जा चुका है। उसैन बोल्ट का एक स्वर्ण पदक इसलिए वापस ले लिया गया था, क्योंकि उनकी टीम का एक सदस्य डोपिंग में फेल हो गया है।

हालांकि भारतीय प्रतिनिधिमंडल अभी इसके बारे में कुछ भी नही कह रहा है। अगर मीराबाई के पदक का रंग बदलता है, तो ये सोने पे सुहागा होगा क्योंकि वह व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की दूसरी खिलाड़ी होंगी। इससे पहले सिर्फ अभिनव बिंद्रा ने 2008 ओलंपिक शूटिंग में सोने का तमगा हासिल कर चुके हैं।

मीराबाई चानू ने 21 साल बाद भारोत्तोलन स्पर्धा में पदक हासिल किया। इससे पहले 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। मीराबाई चानू ने 202 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता था। 2016 रियो ओलंपिक में मीराबाई चानू पहले दौर में ही बाहर हो गई थी। पर इस बार उन्होंने हार नही मानी।

फूल नहीं चिंगारी है ये भारत की नारी है: सिल्वर मेडल के साथ वतन लौटीं मीराबाई चानू

टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पहला पदक ”रजत” के साथ महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू आज स्वदेश लौट आई हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका जब स्वागत हो रहा था तो सिर्फ दो ही नारे चारो ओर सुनाई दे रहे थे।

फूल नहीं चिंगारी है ये भारत की नारी है और भारत माता की जय। इन दो नारों की बुलंद आवाज के साथ ही यहां जैसे हर किसी में अपने वतन एवं वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के प्रति सम्मान एवं गौरव का भाव देखते ही बन रहा था।

उल्लेखनीय है कि पिछले चार दिनों के दौरान टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन जैसा भी रहा है, किंतु यह तो मानना ही पड़ेगा कि इसकी शुरुआत शानदार तरीके से पदक के साथ भारतीय खिलाड़ी मीराबाई चानू ने कर दी थी।

उन्होंने दूसरे ही दिन अपने श्रेष्ठ प्रदर्शन से 49 किग्रा की प्रतिस्पर्धा में कुल 202 किग्रा (87 किग्रा 115 किग्रा) का भार उठाकर रजत पदक भारत की झोली में ला दिया था और इसी उपलब्धि के साथ चानू इस साल टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं।

Mirabai Chanu Tokyo Olympics
मीराबाई चानू ने ज़ाहिर की खुशी

भारत की सरजमी पर लौटते ही उन्होंने जो कहा, वह सभी के लिए समझने की बातें हैं। मीराबाई बोली हैं कि पिछले पांच सालों से मेरे द्वारा जो कड़ी मेहनत की गई थी, यह सफलता उसी का परिणाम है। मुझे खुशी है कि पांच साल की मेहनत सफल हुई है।

वे यह भी बोली हैं कि 2016 में पदक चूकने के बाद काफी मेहनत की जरूरत मैंने महसूस की और वह की। ओलंपिक में पदक जीतना बहुत बड़ी चुनौती थी, वहां खेल के पहले तक सबकी उम्मीदों का भारी तनाव था लेकिन मन से काम किया, अंदर एक विश्वास था, हां, सब ठीक होगा, सफलता अवश्य मिलेगी और वह मिल गई।

कहना होगा कि इस उपलब्धि के साथ वे देश की वेटलिफ्टिंग में पदक जीतने वाली भारत की दूसरी एथलीट बन गई हैं। इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने 2000 सिडनी ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता था।

इससे पहले मीराबाई चानू की बड़ी उपलब्धियों पर गौर करें तो विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण, राष्ट्रमंडल खेलों में (2014 में रजत और 2018 में स्वर्ण) दो पदक और एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक वे जीत चुकी हैं।

Also Read: ओलंपिक खेलों के लिए शनिवार को टोक्यो पहुंची भारतीय निशानेबाजी टीम
प्रधानमंत्री बोले- उनकी सफलता हर भारतीय को प्रेरित करती है

एक ओर देशभर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर प्राय: सभी राज्यों के मुख्यमंत्री एवं अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने चानू की इस उपलब्धि को देश के माथे को खेलों में ऊंचा करना बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने उत्साह से पूर्ण होकर यहां तक कहा था कि ‘हमारे लिए इससे सुखद शुरुआत कोई अन्य नहीं हो सकती टोक्यो2020 की !

भारत उत्साहित है। मीराबाई चानू का शानदार प्रदर्शन। भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने के लिए उन्हें बधाई। उनकी सफलता हर भारतीय को प्रेरित करती है। #Cheer4India #Tokyo2020′

इस श्रेष्ठ उपलब्धि पर राज्य सरकार ने की घोषणा, मणिपुर सरकार देगी एक करोड़ रुपये

मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने कहा है कि टोक्यो ओलंपिक के दूसरे दिन रजत पदक जीतकर देश का नाम रौशन करने वाली सेखोम मीराबाई चानू को राज्य सरकार एक करोड़ रुपये की नकद राशि देगी। उन्होंने कहा है कि ‘हम भारतीयों को आप पर गर्व है।

मणिपुर राज्य के लोग 2020 टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों के पदक जीतने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।’ इसके साथ ही मुख्यमंत्री नोंगथोमबाम बिरेन सिंह ने यह भी कहा है कि ‘अब आप रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में टिकट लेने का काम नहीं करेंगी। मैं आपके लिए एक विशेष पद आरक्षित कर रहा हूं।

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