19.1 C
New Delhi
October 30, 2026
खेल जगत

महज 10 साल के पर्वतारोही अंगद भारद्वाज ने बनाए दो विश्व कीर्तिमान

-अंगद को खतरों से खेलने का शौक पिता डॉ. प्रदीप भारद्वाज से मिला विरासत में

नई दिल्ली: पर्वतारोही अंगद भारद्वाज ने 10 वर्ष की उम्र में दो अदभुत विश्व कीर्तिमान बनाकर लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर दिया। अंगद ने पहला रिकॉर्ड सबसे छोटी उम्र में भारतीय सेना प्रमुख के हाथों सम्मानित होने तथा दूसरा रिकॉर्ड भारतीय वायु सेना से प्रशिक्षित होने का बनाया है।

सम्मान पत्र प्राप्त करते समय नवोदित अंगद भारद्वाज ने खुशी से झूमते हुए कहा, मैं पर्वतारोहण के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करके देश के मान सम्मान को बढ़ाना चाहता हूं। नन्हें पर्वतारोही ने कार्यक्रम के जजों को भी धन्यवाद दिया।

पर्वतारोही - Angad bharadwaj made two world records

कैप्टन रामकिशोर (सेवानिवृत) ने अपने पौत्र अंगद भारद्वाज के विश्व कीर्तिमान बनाए जाने पर हर्ष जताते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वह सदा इसी प्रकार से देश के सम्मान और उन्नति में अपना योगदान देता रहे। अंगद के पिता और सिक्स सिग्मा हाई ऐल्टिटूड मेडिकल सर्विस के निदेशक डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि बच्चे ऊर्जा का भण्डार होते हैं, जिन्हें सही दिशा में लगाना माता-पिता का फ़र्ज़ होता है। स्कूल से गर्मी व सर्दी की छुट्टियां होने पर हम लोग अंगद को ऊंची पहाड़ी इलाक़ों में सेवा के लिए ले जाते थे। इस प्रकार अंगद भी रुचि लेने लग गया।

नन्हा पर्वतारोही अंगद देश के बच्चों के लिए शानदार उदाहरण है

उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को सही दिशा-निर्देश मिले तो दुनिया का कठिन से कठिन कार्य कार्य करने से भी पीछे नहीं हटते। उनके द्वारा किए गए कार्य दूसरों बच्चों के लिए प्ररेणा श्रोत बन जाते हैं। देश को आगे ले जाने और साहसिक कार्यों के लिए अंगद को मेरा पूर्ण समर्थन रहेगा। नन्हा पर्वतारोही अंगद देश के बच्चों के लिए शानदार उदाहरण है।

डॉ. भारद्वाज ने बताया कि अंगद ने पहाड़ों में अत्यंत जाखिम भरे क्षेत्रों अमरनाथ (14 हजार फीट) और केदारनाथ (12 हजार फीट) में नि:स्वार्थ सामाजिक सेवा प्रदान कर राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। उसमें अदम्य साहस, बहादुरी, निडरता और देश भक्ति जैसे गुण कूट-कूट कर भरे हुए हैं।

नन्हा वीर ‘ट्रेन हार्ड एंड फाइट इजी’ सिद्धांत में विश्वास रखता है, उसने सिक्स सिग्मा पर्वतारोहण दल के साथ भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो और आईटीबीपी (औली) में रैपलिंग, फिसलना, पर्वतारोहण और शून्य से कम तापमान में कार्य करने का प्रशिक्षण प्राप्त किया है जो दूसरे बच्चों को पर्वतारोहण की ओर ले जाने की प्रेरणा देगा।

Read More: रियल मैड्रिड ने 34वीं बार जीता ला लीगा का खिताब

Related posts

Anrich Nortje ने डाली आईपीएल इतिहास की सबसे तेज गेंद

Buland Dustak

कोहली सहित दिग्गज क्रिकटरों ने 600 विकेट पर एंडरसन को दी बधाई

Buland Dustak

न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को हराया, पहली बार टी-20 विश्वकप के फाइनल में बनायी जगह

Buland Dustak

बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से लिया संन्यास

Buland Dustak

विश्व चैंपियनशिप के आधिकारिक दस्ताने अब सफेद रंग के होंगे: AIBA

Buland Dustak

हॉकी इंडिया ने खेल रत्न पुरस्कार चयनित श्रीजेश और मनप्रीत को दी बधाई

Buland Dustak