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October 30, 2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड: उत्तरकाशी में बादल फटने से लोगों की मौत, वाहन खाई में गिरा

देहरादून: मूसलाधार बारिश से सुदूर पहाड़ के कई इलाकों में तबाही की खबर है। उत्तरकाशी में बादल फटने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गयी। इलाके में SDRF टीम ने कई लोगों को बादल फटने के बाद जमा हुए मलबे से सकुशल बाहर निकाल लिया है। जबकि पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश के बीच एक वाहन खाई में गिर गया जिसमें सवार लोगों को घायल अवस्था में बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उत्तरकाशी

राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा से नुकसान की खबरें हैं। रविवार देर रात उत्तरकाशी जिले के मांडव गांव में बादल फटने से घरों में मलबा घुस आया। घटना की जानकारी पर उज्जेली (जिला उत्तरकाशी) में तैनात SDRF के टीम प्रभारी जगदम्बा प्रसाद को DDMO द्वारा सूचित किया गया कि पोस्ट से लगभग 3 किमी आगे गंगोरी रोड पर मांडव गांव में नाले से पानी आने पर गांव में कुछ व्यक्ति फंसे हैं।

इसकी सूचना पर टीम घटनास्थल पर पहुंची जहां बादल फटने के कारण घरों में मलबा घुस आया था। इस दौरान दो महिलाओं व एक बच्ची का पता नहीं लग पा रहा था। खोजबीन के बाद राहत दस्ते ने तीन शवों को मलबे से बाहर निकाला गया। तीनों एक ही परिवार के सदस्य थे जिनमें माधुरी देवी (उम्र 36) पत्नी देवानंद भट्ट, ऋतु देवी (उम्र 32) पत्नी दीपक भट्ट शामिल हैं। राहत दल ने कुछ दूसरे लोगों को सकुशल बाहर निकाला।

पिथौरागढ़ में वाहन दुर्घटना

उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में तैनात SDRF की टीम को जिला नियंत्रण कक्ष द्वारा सूचना मिली कि पोस्ट से लगभग 20 किमी दूर सुवालिक में वाहन खाई में गिर गया है। टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई, जहां वाहन में सवार एक व्यक्ति को स्थानीय लोगों द्वारा पहले ही निकाल दिया गया था व दूसरा व्यक्ति काफी गहरी खाई में फंसा हुआ था।

राहत दल ने रात्रि में भारी बारिश के बीच दूसरे घायल व्यक्ति को भी सकुशल खाई से बाहर निकाला। दुर्घटना में घायल जीवन लाल (37), अनिल टम्टा (44) और तृष्वी (3) को अस्पताल पहुंचाया गया।

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बादल फटने से कई गांवों में तबाही, तीन शव बरामद, राहत कार्य जारी

रविवार रात हुई बारिश के दौरान इलाके के मांडो और निराकोट गांव के ऊपर बादल फटने के कारण भारी नुकसान हुआ है। इस इलाके में 4-5 मकान जमींदोज हो गए और दूसरे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

सबसे ज्यादा नुकसान मांडो गांव में हुआ है। जहां 15 से 20 घरों में मलबा घुस गया है। मांडो गांव में रेस्क्यू टीम ने दो महिलाओं और एक बच्ची का शव बरामद किया है। शवों की पहचान माधुरी (42) पत्नी देवानंद, रीतू (38) पत्नी दीपक और ईशु (06) पुत्री दीपक के रूप में हुई है। शवों को जिला अस्पताल में लाया गया है। हादसे के बाद से SDRF और पुलिस की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। वहीं, मलबे में दबे एक बुजुर्ग को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।

इसके अलावा भटवाड़ी विकास खण्ड के कंकराड़ी गांव में भी गदेरा उफान पर आने के कारण एक व्यक्ति के बहने की सूचना है। दूसरी ओर निराकोट में गांव के दोनों ओर गदेरा आने के कारण ग्रामीण बीच में फंस गए हैं। ग्रामीणों ने एक स्थान पर शरण ले ली, जहां तहसीलदार भटवाड़ी और एनडीआरएफ का दल मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चला रहे हैं।

उत्तरकाशी के अलग-अलग इलाकों में बादल फटने से मची भारी तबाही की खबर है। मांडो और निराकोट में कई गाड़ियां बह गयीं। गनीमत ये रही कि गदेरे में पानी बढ़ते ही लोग अपने घरों को छोड़कर भाग गए, नहीं तो इसकी चपेट में काफी लोग आ सकते थे। SDM देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मांडो में एक परिवार के तीन लोग लापता हैं।

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