नई दिल्ली: भारतीय हॉकी के दिग्गज जफर इकबाल ने कहा है कि टोक्यो ओलंपिक में मौजूदा भारतीय पुरुष हॉकी टीम को चौथे नंबर पर रखा जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि टोक्यो ओलंपिक एक अलग तरह की चुनौती होगी और इसमें आत्मसंतुष्टि के लिए कोई जगह नहीं होगी।

इकबाल ने हॉकी इंडिया की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, “पुरुषों की टीम दुनिया में चौथे स्थान पर है जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। मैंने अर्जेंटीना के खिलाफ दौरे में उनके प्रदर्शन पर नजर रखी, जहां उन्होंने अच्छा खेला। मेरा सिर्फ इतना कहना है कि ओलंपिक का माहौल थोड़ा अलग है।” उन्होंने कहा, “यहां किसी स्लिप अप या प्रयोग के लिए कोई जगह नहीं है, और प्रत्येक खिलाड़ी में आत्म-विश्वास और आत्मनिर्णय टीम के लिए सबसे मूल्यवान लक्षण होने जा रहा है।”
इकबाल ने 1980 के मास्को ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्वर्णिम अभियान को याद करते हुए कहा, “1980 की स्मृति हमेशा मेरे साथ रहेगी। यह एक व्यक्तिगत उपलब्धि से अधिक थी क्योंकि यह देश के लिए भी इतना बड़ा क्षण था। यह देश के लिए हॉकी में 8वां स्वर्ण पदक था। जो एक ऐसा रिकॉर्ड है जो निश्चित रूप से लंबे समय तक कायम रहेगा।”
हॉकी के जेंटलमैन के नाम से मशहूर जफर इकबाल ने हॉकी टीम की यादें की साझा
उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए एक कठिन अभियान था क्योंकि उस टीम के अधिकांश सदस्य युवा खिलाड़ी और ओलंपिक में पदार्पण करने वाले थे। मेरा मानना है कि केवल वासुदेवन भास्करन और बीर बहादुर छेत्री ही 1976 के ओलंपिक में पहले खेले थे। मुझे याद है कि फाइनल स्पेन के खिलाफ था, जो वास्तव में कठिन मैच था। मोहम्मद शाहिद फाइनल में हमारे प्रमुख खिलाड़ी थे, और उन्होंने उस दिन असाधारण रूप से खेला।”

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‘हॉकी के जेंटलमैन‘ के नाम से मशहूर जफर इकबाल को 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में भारतीय ओलंपिक दल के लिए ध्वजवाहक होने का प्रतिष्ठित गौरव प्राप्त था। उन्होंने उस वर्ष कप्तान के रूप में पुरुष हॉकी टीम का नेतृत्व भी किया। उन्होंने 1982 की चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ मैच को अपने करियार का यादगार मैच बताया।
उन्होंने कहा, “मुझे अभी भी हॉलैंड में पाकिस्तान के खिलाफ 1982 की चैंपियंस ट्रॉफी की मुठभेड़ याद है। हम उस मैच के शुरुआती चरण में अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ 3-0 से पीछे थे, और हमने अंत में उस मैच को 5-4 से जीता। राजिंदर सिंह जूनियर ने उस मैच में 3 गोल दागकर हमें यादगार जीत दिलाई। यह एक खूबसूरत अहसास था।”