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October 30, 2026
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केदारनाथ यात्रा दो दिन से ठप, सोनप्रयाग में 150 तीर्थ यात्री फंसे

-गौरीकुण्ड-केदारनाथ पैदल मार्ग चीरवासा में मलबा आने से बंद 
-पैदल मार्ग को खोलने में जुटे हैं लोनिवि के मजदूर और एसडीआरएफ जवान
-केदारनाथ हाइवे के मुनकटिया में भारी मलबा आने से मार्ग बंद
-यात्रा के अहम पड़ाव गौरीकुण्ड में 4 दिनों से बिजली और संचार सेवा ठप

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा के पड़ाव और घाटी में लगातार बारिश के कारण दो दिन से यात्रा भी बंद है। सोनप्रयाग में यात्रा के 150 लोग फंसे हैं। गौरीकुण्ड-केदारनाथ पैदल मार्ग के चीरवासा नामक स्थान पर मलबा आने से मार्ग बंद पड़ा हुआ है, जबकि केदारनाथ हाइवे सोनप्रयाग से आगे गौरीकुंड तक जगह-जगह बाधित हो गया है।

गौरीकुंड के निकट हाइवे का एक बहुत बड़ा हिस्सा धंस गया है। केदार यात्रा के अहम पड़ाव गौरीकुण्ड में चार दिनों से दूर संचार सेवा के साथ बिजली भी बाधित है। ऐसे में तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को रात के समय भारी दिक्कतें आ रही हैं, जबकि दूर संचार सेवा न होने से संपर्क साधने के लिए पांच किमी की पैदल दूरी नापकर सोनप्रयाग आना पड़ रहा है। 

शुक्रवार को रुद्रप्रयाग जिले की केदारघाटी में बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण जहां केदारनाथ मार्ग बांसबाड़ा, फाटा, जामू, गौरीकुंड सहित अन्य स्थानों पर बंद है, जबकि गौरीकुण्ड से केदारनाथ के बीच चीरवासा में मलबा आने से पैदल मार्ग बंद पड़ा है। जिस कारण केदारनाथ जाने वाले डेढ़ सौ के करीब तीर्थ यात्रियों को सोनप्रयाग में रोक लिया गया है। दो दिन से भगवान केदारनाथ की यात्रा ठप है।

केदारनाथ यात्रा दो दिन से ठप, सोनप्रयाग में 150 तीर्थ यात्री फंसे

केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग पर हो रहे भूस्खलन के कारण पुलिस, एसडीआरएफ की मदद से सुरक्षित गौरीकुण्ड लाया जा रहा है। केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड के निकट हाइवे का बीस मीटर का हिस्सा धंस गया है, जबकि हाइवे के ऊपरी हिस्से से लगातार भूस्खलन हो रहा है। हाइवे पर कई स्थानों पर मलबा लगा हुआ है। स्थानीय लोग किसी तरह से जान जोखिम में डालकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। 

बारिश से गौरीकुण्ड में चार दिन से बिजली और दूर संचार व्यवस्था ठप

केदारनाथ हाइवे पर बांसबाड़ा में बामुश्किल तीसरे दिन आवाजाही शुरू हो पाई, लेकिन आज फिर यहां पर आवाजाही बंद हो गई है। बांसबाड़ा में पहाड़ी से मलबे के साथ पेड़ भी गिर रहे हैं। मलबा और बोल्डर गिरने से हाइवे जगह-जगह बंद है तो केदारनाथ-गौरीकुण्ड पैदल मार्ग भी ठप पड़ा है। ऐसे में यात्रियों के अभाव में बाबा केदार का दरबार सुनसान  है। व्यापार संघ अध्यक्ष गौरीकुण्ड अरविंद गोस्वामी, दीर्घायु गोस्वामी, सरपंच विष्णु दत्त गोस्वामी, ग्राम प्रधान सोनी देवी, गौरी शंकर गोस्वामी, संजय गोस्वामी ने बताया कि केदारनाथ यात्रा के अहम पड़ाव गौरीकुण्ड में अव्यवस्थाएं हावी हैं।

लगातार बारिश से गौरीकुण्ड में चार दिन से बिजली और दूर संचार व्यवस्था ठप है। ऐसे में तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को रात के समय भारी दिक्कतें आ रही हैं। उन्हें अपनों से संपर्क साधने के लिए पांच किमी की पैदल चलकर सोनप्रयाग आना पड़ रहा है।  उन्होंने कहा कि गौरीकुण्ड से भगवान केदारनाथ की पैदल यात्रा शुरू होती है और पैदल मार्ग जगह-जगह मलबा आने से जानलेवा बना हुआ है। इसके अलावा केदारनाथ हाइवे भी मुनकटिया में बंद पड़ा हुआ है, जिसे खोलने के कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। 

पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि गौरीकुण्ड-केदारनाथ 18 किमी पैदल मार्ग के बीच चीरवासा नामक स्थान में मलबा आने से पैदल मार्ग बंद हो गया है। ऐसे में सोनप्रयाग में डेढ़ सौ के करीब तीर्थयात्रियों को रोका गया है। केदारनाथ दर्शन कर लौटने वाले तीर्थयात्रियों को एसडीआरएफ की मदद से वापस लाया जा रहा है। केदारनाथ हाइवे के फाटा और मुनकटिया में भारी बोल्डर और मलबा आने से बंद है, जिसे खालेने के प्रयास किय जा रहे हैं। 

यह भी पढ़ें: केदारनाथ के कपाट खोलने की तिथि घोषित, 17 मई को प्रातः 5 बजे खुलेंगे

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