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October 30, 2026
देश

परमाणु सहयोग पर ​भारत-अमेरिका के बढ़े कदम

- ​भारतीय उपमहाद्वीप में सुरक्षा की स्थिति पर हुई विस्तार से चर्चा
- बीईसीए ​पर हस्ताक्षर होना दोनों देशों की महत्वपूर्ण उपलब्धि 

परमाणु सहयोग: अमेरिका के अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो​ और ​अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर के साथ ​’टू प्लस टू’​ वार्ता के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ​कहा कि बैठक के दौरान हमने अपने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग के प्रमुख पहलुओं पर व्यापक चर्चा की। ​​दोनों देशों ने परमाणु सहयोग बढ़ाने को लेकर ​​कदम बढ़ाए हैं, साथ ही ​​भारतीय उपमहाद्वीप में सुरक्षा की स्थिति को लेकर विस्तार से बात की है​​​।​​ ​​ ​रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान में कहा कि ​​आज की बैठक में हमने संभावित क्षमता निर्माण और तीसरे देशों की संयुक्त सहयोग गतिविधियों का पता लगाया, जिसमें हमारे पड़ो​सी और उससे आगे भी शामिल हैं​​।

परमाणु सहयोग ​भारत-अमेरिका

​भारत और अमेरिका की दोस्ती लगातार मजबूत हुई है​​।​ ​​​’टू प्लस टू’​ वार्ता​ में भी दोनों देशों ने कई मसलों पर मंथन किया, जिसमें कोरोना संकट के बाद की स्थिति, दुनिया की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा के मसलों पर कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बात की गई​​​।​ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक ​​दोनों देशों ने परमाणु सहयोग बढ़ाने को लेकर कदम बढ़ाए हैं, साथ ही भारतीय उपमहाद्वीप में सुरक्षा की स्थिति को लेकर विस्तार से बात की है​​​। ​​रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा औद्योगिक क्षेत्र में ​भी ​दोनों पक्षों ने स्पष्ट और उपयोगी चर्चा की। उन्होंने कहा​ कि ​सैन्य सहयोग के लिए हमारी सेना बहुत अच्छी प्रगति कर रही है।

आज ​​’टू प्लस टू’​ वार्ता में अधिक बड़े क्षेत्रीय और वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर अपनी चर्चा जारी रखी

भारतीय पक्षों ने रक्षा उद्योगों की अपनी क्षमताओं पर प्रकाश डाला।​ ​बैठक में​ ​हमने इंडो पैसिफिक में सुरक्षा स्थिति का मूल्यांकन साझा किया। उस प्रक्रिया में हमने इस क्षेत्र में सभी देशों की शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की। ​हमने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि नियमों पर आधारित ​अंतररा​ष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखना, कानून के शासन का सम्मान करना और​ अंतर​रा​ष्ट्रीय समुद्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता और सभी राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखना आवश्यक है।​​ ​राजनाथ सिंह ने कहा कि ​अमेरिका के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री से ​बहुत रचनात्मक बातचीत ​हुई है और ​​वे रक्षा, सुरक्षा और अन्य क्षेत्रों में अपनी भागीदारी को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा​ कि त्वरित आर्थिक सुधार और वृद्धि, महामारी की रोकथाम, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से संबंधित मुद्दों के पुनर्निर्माण की आवश्यकता को चर्चाओं में प्राथमिकता मिली। बैठक के दौरान​ ​द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग के प्रमुख पहलुओं पर व्यापक चर्चा ​हुई है। ​उन्होंने कहा कि मैंने द्विपक्षीय रक्षा मुद्दों पर चर्चा करने के लिए ​सोमवार को अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क टी. एस्पर से मुलाकात की। हमने आज ​​’टू प्लस टू’​ वार्ता में अधिक बड़े क्षेत्रीय और वैश्विक परिप्रेक्ष्य पर अपनी चर्चा जारी रखी।

2016 में ​लोजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ़ एग्रीमेंट और 2018 में ​​कम्युनिकेशन्स कम्पेटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने के बाद आज ​बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (​​​​बीईसीए) ​पर हस्ताक्षर करना उस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ​​बीईसीए ​पर​ ​रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव जीवेश नंदन ने भारत की ओर से हस्ताक्षर ​किये।​

यह भी पढ़ें: एयरो इंडिया​ 2021 ​में भारत दिखायेगा स्वदेशी ताकत

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