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October 30, 2026
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देशी-विदेशी भक्तों ने गोवर्धन पूजा कर लगाई 21 कोसीय परिक्रमा

मथुरा: गिरिराज पूजा के प्राकट्य स्थल गोवर्धन धाम में पूजा के लिए शुक्रवार को जन सैलाब उमड़ पड़ा, जो देर रात तक चलता रहा। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने गोवर्धन पर्वत की 21 किमी की परिक्रमा भी लगाई। मानसी गंगा के तट पर दीप दान भी किया।

शुक्रवार को विदेशी भक्तों की टोलियां गौड़ीय मठ आश्रम से Govardhan Puja के लिए परिक्रमा मार्ग पर निकली तो गिरिराज जी धाम आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आया। वहीं प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा पूजा के लिए जतीपुरा स्थित मुखारबिन्द पहुंचे, जहां उन्होंने गिरिराज महाराज का दुग्धाभिषेक कर ब्रजवासियों सहित पूरे देश को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दी।

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा के मुख्य केंद्र गोवर्धन धाम में शुक्रवार एक बार फिर से द्वापर युग साक्षात देखने के मिला। भगवान कृष्ण के द्वारा एक रूप में पूजत और दूसरे रूप में पूजाय की अभिव्यक्ति के साथ देश-विदेश से आए भक्त गोवर्धन महाराज की तलहटी पहुंचे।

द्वापर युग में जब ब्रजवासियों ने पूजा की तो अब देश के कोने-कोने आये भक्तों के साथ विदेशियों ने भी दही माखन की मटकी लेकर बृज गोपी बनकर गिर्राज जी का अभिषेक किया। गोवर्धन जी को तरह-तरह के पकवान बनाकर भोग लगाएं।

गोवर्धन यात्रा भी द्वापर युग की तर्ज पर निकाली गई। जिसमें हरि बोल हरि बोल की गूंज रही। हर कोई अपने आराध्य देव गिरिराज प्रभु के चरणों मे अरदास लगा रहा था। गोवर्धन जी की सात कोस की परिकृमा में तो सैलाब इस कदर उमड़ा की शाम तक थमा नहीं।

गिरिधारी गौड़ीय मठ से गोवर्धन पूजा शोभायात्रा निकाली गई

गिरिराज जी के प्रमुख मंदिर दानघाटी, गिरिराज जी मुखारविन्द, जतीपुरा मुखारविन्द भक्तों की भीड़ के सैलाब के बीच खचाखच भरे रहे। अन्नकूट, सिकड़ी प्रसादी वितरित की गई। मृदंग, ढोल, मंजीरा और थाप की धुन के बीच निकलते हरि हरि बोल के स्वर।

कृष्ण के पूजन को राधा तो कोई विशाखा बनी विदेशी युवतियों और ग्वाला बने विदेशी युवकों की गिर्राज जी की भक्ति देखने लायक थी। अपना सब कुछ समर्पित गिरिराज जी के भाव में।

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अन्तराष्ट्रीय गौड़ीय वेदांत समिति गोवर्धन के गिरिधारी गौड़ीय मठ से Govardhan Puja शोभायात्रा निकाली गई। सबसे पहले भक्तों ने गाय की पूजा की। इसके नारायण दास महाराज के चित्रपट पर पुष्प अर्पित किए।

मिट्टी की मटकियों में दही माखन शहद व पंचामृत भरकर गोवर्धन पूजा को सैलाब उमड़ता रहा। पग-पग पर पूजा भाव देखने लायक था। पूजा को लेकर 21 किमी परिक्रमा मार्ग में मानव श्रृंखला बन गई। बृज रज के स्पर्श के बीच भक्तों ने लेटकर व नंगे पैर परिक्रमा लगाई।

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