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October 30, 2026
उत्तर प्रदेश

मथुरा से अब सब्जी, फल और मसालों का अमेरिका में होगा निर्यात

-यूपीसीडा की जमीन पर बना उत्तर भारत और यूपी का पहला GRPF पैक हाउस
-प्रदेश सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर मथुरा में बनाया GRPF पैक हाउस
-यूपी के अलावा दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड के फल-सब्जी कारोबारियों को होगा लाभ

लखनऊ: मथुरा, भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली और भारत की प्राचीन नगरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इन्वेस्टर फ्रेंडली नीतियों के चलते अब मथुरा में उत्तर भारत और उत्तर प्रदेश का पहला गामा विकिरण प्रसंस्करण (GRPF) सुविधा युक्त पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज बनाया गया है। इस GRPF पैक हाउस के जरिए अब अमेरिका, आस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील और न्यूजीलैंड में रहने वाले लोग उप्र, दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड में उगाए गए आलू, प्याज, मटर, गोभी, बंदगोभी, अदरक, हरीमिर्च, आवंला, कटहल, आम, लीची, अमरुद, जामुन, अनार तथा मसालों का स्वाद ले सकेंगे।

अमेरिका में निर्यात

वहीं दूसरी तरफ कृषि एवं फल कारोबार से जुड़े हजारों कारोबारी और लाखों किसानों को इस GRPF पैक हाउस से लाभ होगा। उनकी उगाए फल, सब्जी और मसाले अब आसानी से अमेरिका, आस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, न्यूजीलैंड सहित दुनिया भर के देशों को भेजे जा सकेंगे।

फूड प्रोसेसिंग बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण नीति 2017 तैयार कराई गई

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश देश में फल और सब्जियों का सबसे बड़ा उत्पादक है। फिर भी राज्य में उत्पादित फल और सब्जियों की 10 फीसदी से कम की ही प्रोसेसिंग हो पाती थी। बड़ी मात्रा में जल्द खराब होने वाले खाद्य पदार्थ हर साल बर्बाद हो जाते थे, जिसके चलते किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम नहीं मिल पाता था।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका संज्ञान लिया, जिसके तहत उन्होंने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण नीति 2017 तैयार कराई। इस नीति में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने वाले उद्यमी को कई तरह की रियायतें देने का ऐलान किया गया।

प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार की इस नीति से प्रभावित होकर वर्ष 2018 से अब तक 4109.74 करोड़ रुपए की लागत वाले 803 उद्यमों की स्थापना करने में छोटे तथा बड़े निवेशकों ने रूचि दिखाई।

इन निवेशकों में फल-सब्जी प्रसंस्करण के क्षेत्र में 81, उपभोक्ता उत्पाद के क्षेत्र में 232, खाद्यान्न मिलिंग के क्षेत्र में 397, हर्बल प्रोसेसिंग के क्षेत्र में 03, दुग्ध प्रसंस्करण के क्षेत्र में 35, तिलहन प्रसंस्करण के क्षेत्र में 27, दलहन प्रसंस्करण के क्षेत्र में 15, मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र में 08 और रेफर वैन के क्षेत्र में 10 ने अपनी फैक्ट्री लगाने के लिए सरकार से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

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नौकरी छोड़ मथुरा में GRPF पैकहाउस और कोल्डस्टोरेज बनाने की पहल की

इन्ही निवेशकों में एक अभिषेक मिश्र भी थे, जिन्होंने सितम्बर 2017 में प्रदेश सरकार की इन्वेस्टर फ्रेंडली नीतियों से प्रभावित होकर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का हिस्सा बनाने के फैसला लिया।

अभिषेक मिश्र सीके बिडला ग्रुप की कम्पनी में कार्य कर रहे थे। वहां की नौकरी छोड़कर उन्होंने मथुरा में GRPF पैकहाउस और कोल्डस्टोरेज बनाने की पहल की। उन्होंने सोलस इंडस्ट्रीज के नाम से अपनी कम्पनी बनाई और वर्ष 2018 GRPF पैकहाउस और कोल्डस्टोरेज बनाने के लिए मथुरा में जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह सरकार से किया।

उनके प्रस्ताव पर त्वरित कार्रवाई हुई और उन्हें यूपीसीडा से मथुरा के कोसी कोटवान औद्योगिक क्षेत्र में 5535 वर्ग मीटर भूमि मिल गई। अब इस भूखंड पर GRPF पैकहाउस और कोल्डस्टोरेज बन गया है। इसके निर्माण पर 21 करोड़ रुपए से अधिक की लागत आयी है। अब अगले महीने इसे शुरू करने की योजना है।

इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात ये है कि यह उत्तर भारत और उत्तर प्रदेश का पहला GRPF पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज है। इसे यूपी के अलावा देश के अन्य राज्य में भी अभिषेक मिश्र लगा सकते थे लेकिन यूपी सरकार की फूड प्रोसेसिंग नीति तथा सूबे की अन्य इन्वेस्टर फ्रेंडली नीतियों के चलते उन्होंने मथुरा में ही इसे स्थापित करने का फैसला किया।

GRPF पैक हाउस के चलते फल सब्जियां दुनिया भर के देशों को भेजे जा सकेंगे

उनके इस फैसले के चलते अब दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, मेरठ, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में फल तथा सब्जी कारोबारी आलू, प्याज, मटर, गोभी, बंद गोभी, अदरक, हरी मिर्च, आंवला, कटहल, आम, लीची, अमरूद, जामुन, अनार तथा मसाले आदि अमेरिका, आस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, न्यूजीलैंड सहित दुनिया भर के देशों को भेजे जा सकेंगे।

इन देशों में भेजी जाने वाली सब्जी, फल तथा मसालों को बैक्टीरिया और वायरस रहित करने के लिए गामा विकिरण प्रसंस्करण जरूरी है। अभी तक राज्य में गामा विकिरण प्रसंस्करण (GRPF) की सुविधा वाले पैक हाउस ना होने के चलते प्रदेश में उत्पादित आलू, प्याज, मटर, गोभी, बंद गोभी, अदरक, हरी मिर्च, आंवला, कटहल, आम, लीची, अमरूद, जामुन, अनार तथा मसाले आदि अमेरिका, आस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील और न्यूजीलैंड जैसे देशों को नहीं भेजा जा पाता था।

बासी मुम्बई, लासलगांव नासिक और बेंगलुरु में स्थापित GRPF पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज के जरिए ही इन देशों में फल, सब्जी और मसालों का उक्त देशों में निर्यात होता था। अब अगले महीने से उत्तर प्रदेश भी उक्त देशों को यूपी में उत्पादित फल, सब्जी और मसालों को भेज सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस जीआरपीए पैकहाउस और कोल्ड स्टोरेज के शुरू होने से ना सिर्फ फल-सब्जी और मसालों के निर्यात में इजाफा होगा, वही गामा विकिरण के चलते सब्जी तथा फलों को लम्बे समय तक स्टोर किया जा सकेगा।

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