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October 30, 2026
राज्य

गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सामने लाएं: आरएसएस प्रमुख

-स्थापना के सौंवे साल तक कार्य विस्तार पर संघ का जोर

कोलकाता: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। अपने प्रवास के पहले दिन मंगलवार को उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की है। इसमें उन्होंने 2025 में संघ की स्थापना के 100वें वर्ष को ध्यान में रखते हुए 2024 तक पश्चिम बंगाल समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में संगठन के विस्तार पर जोर दिया है।

रा.स्व.संघ के दक्षिण बंग प्रचार प्रमुख विप्लव राय ने “हिन्दुस्थान समाचार” को बताया कि कोलकाता के अभेदानंद रोड स्थित संघ मुख्यालय (केशव भवन) में ठहरे डॉक्टर भागवत ने संगठन के विभिन्न स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें शाखाओं के विस्तार पर चर्चा हुई।

आरएसएस प्रमुख

इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल के सामाजिक और आर्थिक विकास को लेकर भी काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने नैतिक मूल्यों पर आधारित सामाजिक व्यवस्था विकसित करने में स्वयंसेवकों की भूमिका बढ़ाने का निर्देश दिया।

राज्य के प्रबुद्ध वर्ग से भी चर्चा

आरएसएस संघ कार्य के अतिरिक्त संघ प्रमुख ने आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव में स्वयंसेवकों की भूमिका सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता की वेदी पर सैकड़ों ऐसे लोगों ने बलिदान दिया, जिनका इतिहास में कोई जिक्र नहीं है।

स्वयंसेवकों को चाहिए कि वे अपने ग्राम, नगर, जनपद के उन स्वतंत्रता सेनानियों का वास्तविक इतिहास खोजें और उसे लोगों के सामने लाएं। उन्होंने बंगाल के लिए विशेषतौर पर कहा कि 1905 से लेकर 1947 तक के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की सूची बनाकर उनके योगदान को समाज के सामने लाएं।

मंगलवार शाम को ही आरएसएस संघ प्रमुख ने बंगाल से चयनित 350 प्रबुद्ध नागरिकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर एक बैठक की। इसमें राज्य के प्रमुख संगीतकार से लेकर साहित्यकार, अर्थशास्त्री, प्रोफेसर, शिक्षक यानी कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग से जुड़े हर स्तर के लोग शामिल हुए।

इस बैठक में भी संघ प्रमुख ने राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान के साथ-साथ राष्ट्रवाद केंद्रित समाज विकसित करने का आह्वान किया और प्रबुद्ध जनों इसमें भूमिका निभाने का आग्रह किया।

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समविचारी संगठनों साथ होगी बैठक

विप्लव राय ने बताया कि बुधवार को सुबह से ही डॉ. मोहन भागवत रा. स्व. संघ के समविचारी संगठनों जैसे भारतीय जनता पार्टी, विद्यार्थी परिषद्, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, वनवासी कल्याण आश्रम, हिन्दू जागरण मंच, मजदूर संघ, किसान संघ जैसे संगठनों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

इस बैठक में भी उन्हीं विषयों पर बात होगी जिन विषयों पर मंगलवार को संघ के पदाधिकारियों और प्रबुद्ध जनों से चर्चा हुई है। मुख्य रूप से 2024 तक पश्चिम बंगाल समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में संघ की शाखाओं के व्यापक विस्तार पर बात होनी है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बंगाल में संघ की करीब 2200 शाखाएं लगती हैं। संघ के जानकारों ने बताया है कि 2024 तक इसे बढ़ाकर आठ हजार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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