19.1 C
New Delhi
October 30, 2026
देश

सिख समुदाय से प्रधानमंत्री मोदी व उनकी सरकार के लगाव पर जोर

एक तरफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों, खासकर पंजाब के किसानों का जमावड़ा है। वे कृषि कानून को लेकर आक्रोश में हैं और सरकार की बात नहीं मान रहे हैं। ठीक उसी समय प्रधानमंत्री मोदी और उनके सिख समाज से जुड़ाव के साथ ही सिख समुदाय के लिए उठाए गए कदमों को सामने लाने का काम किया जा रहा है। हांलाकि यह एक संयोग ही है।

पीआईबी ने वेबसाइट पर किया टॉप ट्रेंड चित्रों और कार्यक्रमों से बताया कि सरकार ने सिख समुदाय के लिए क्या किया

भले यह संयोग हो पर सरकार के खिलाफ सिख किसानों के प्रदर्शन और उसमें भी खालिस्तान के नारों के बीच प्रधानमंत्री मोदी सरकार की यह तस्वीरें कुुछ नया करने की कोशिश हो सकती है। इस पुस्तिका में वे सब चित्र दिए गए हैं जब भी कभी प्रधानमंत्री सिखों के किसी कार्यक्रम  में गए हों, पगड़ी पहनी हो या गुरूदारे में मत्था टेका हो या लंगर बांटा हो।  

इसके साथ ही इसमें बिन्दुवार तरीके से बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर उनकी सरकार ने सिख समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखकर क्या क्या किया। इसमें सबसे अधिक उल्लेखनीय है सिख समुदाय की आजादी के बाद से ही लंबित कारतारपुर कॉरीडोर को खोलने की मांग को पूरा किया।

सिख समुदाय

वहीं श्रीहरिमंदिर साहिब को मिलने वाले दान को एफसीआरए से अलग रखने का फैसला भी इसमें शामिल किया गया है। पत्रिका में कुल 13 बिंदुओं को खासतौर पर दर्शाया गया है जो निम्नलिखित हैं–    

1) केन्द्र सरकार ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर यानि हरमिंदर साहिब में विदेश में रहने वाले सिख लोगों को सेवा में भाग लेने की सुविधा प्रदान की। अब हरमिंदर साहिब विदेशों से मिलने वाला दान प्राप्त कर सकते हैं।  

2) लंगर सेवा को सभी तरह के कर से मुक्त कर दिया गया। केन्द्र सरकार ने सेवा भोज योजना के तहत लंगर के सामान को भी जीएसटी मुक्त कर दिया।  

3) केन्द्र सरकार ने 120 करोड़ रुपये की लागत से करतारपुर साहिब कोरिडोर विकसित किया जिससे पाकिस्तान और भारत से श्रद्धालुओं का आना सुगम हो गया।    

4)- गुरुनानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व के मौके पर सुल्तानपुर लोधी को हेरिटेज शहर के रूप में विकसित किया गया। यहां पर एक विशेष रेल भी चलाई गई, जो सप्ताह में पांच दिन चलती है।

5) अमृतसर स्थित गुरुनानाक देव विश्वविद्यालय में नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ इंटर फेथ स्टडीज की स्थापना की गई। इसके लिए 67 करोड़ रुपये दिए गए। भाईचारे को बढ़ावा देने वाले इस केन्द्र में सालों भर सेमिनार और वर्कशॉप भी आयोजित किए जाते हैं।    

6) गुरुनानक देव जी की शिक्षा को दुनियाभर में प्रचार -प्रसार करने के लिए आईसीसीआर ने इंटरनेशनल सेमिनार का आयोजन किया। इसके अलावा गुरबानी का विभिन्न भारतीय भाषाओं में प्रकाशन किया गया। दुनियाभर में भारतीय दूतावासों में 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कीर्तन, कथा, प्रभात फेरी, लंगर और आयोजन किया गया।  

7) गुरु गोबिन्द सिंह जी के 350वीं. जयंती के मौके पर प्रकाश पर्व मनाया गया। इसके लिए केन्द्र सरकार ने 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया, 350 रुपये का सिक्का जारी किया गया, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, श्री केशगढ़ साहिब, श्री पटना साहिब और श्री हुजूर साहिब के बीच रूट को विकसित किया गया। जामनगर में 750 बिस्तरों वाला अस्पताल का उद्घाटन किया।

8) अमरिका, यूके, कनाडा में रहने वाले सिखों को ब्लैकलिस्ट की सूची से हटाया। पहले इस सूची में 314 लोग थे अब सिर्फ दो लोग हैं। इससे वे लोग अब अपने घर लौट कर परिवारों से मिल सकते हैं।  

9) सिख समुदाय की लंबित मांगों को किया पूरा। धारा 370 हटने से जम्मू कश्मीर में रहने वाले सामान अधिकार मिला, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आए सिख शरणार्थियों को नागरिकता दी।

10) 1984 के सिख दंगों में प्रभावित लोगों को न्याय दिलवाने के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम का गठन करवा कर मामले की दोबारा से जांच करवाई । इस मामले में सभी को बरी कर दिया गया था। सिख दंगों के तीस सालों के बाद 80 मामले की दोबारा से जांच शुरू करवाई। तीन साल के अंदर ही इस मामले में कई बड़ी हस्तियों को सजा हुई। इससे पहले किसी ने नहीं सोचा था कि बड़ी राजनीतिक हस्तियों को भी सजा हो सकती है।  

11) सिख धरोहर से दुनिया को रूबरू कराने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने स्वेदश दर्शन स्कीम के तहत आनंदपुर साहिब-फतेहगढ़ साहिब-चमकौर साहिब-फिरोजपुर-अमृतसर-खटकर कलान-कलानौर-पटियाला हेरिटेज सर्किट के विकास कार्य को शुरू किया। गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर सुल्तानपुर लोदी सहित 12 स्थानों मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। नांदेड़ और अमृतसर के बीच हवाई यात्रा की शुरुआत की गई। इसके साथ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अमृतसर स्थित हरमिंदर साहिब का भी दौरा किया था।  

12) जलियांवाला बाग में नेशनल मेमोरियल के निर्माण के लिए लोक सभा में नेशनल मेमोरियल बिल 2019 लाया गया । जलियांवाला बाग में शहीदों की याद में 100 साल पूरे होने के मौके पर उन शहीदों को याद किया  

13) सिख समुदाय के युवाओं को 31 लाख से भी ज्यादा स्कॉलरशिप दिए गए जबकि 2014 से पहले तक सिर्फ 18 लाख सिख समुदाय के छात्रों को स्कॉलरशिप दिए गए। इसके लिए अलावा 10 लाख से ज्यादा सिख युवाओं ने हुनर हाट, गरीब नवाज रोजगार योजना, सीखो और कमाओं, नई मंजिल, रोजगार के नए मौके जैसी योजनाओं से लाभ उठाया। इसके अलावा पीएम जनविकास कार्यक्रम के तहत 24 प्रतिशत से ज्यादा काम सिख बहुल क्षेत्रों में हुआ।

यह भी पढ़ें: मंदिरों में बजे घंटियां, मस्जिद के अजान पर दूसरों का भी हो ध्यान

Related posts

हेट स्पीच और फर्जी खबरों पर रोक लिए एक मजबूत प्रणाली है : ट्विटर

Buland Dustak

पैंगोंग झील के किनारे भारत-चीन के सैनिक आमने-सामने

Buland Dustak

उत्तराखंड में सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक

Buland Dustak

रेलवे ने शुरू की कई और नई स्पेशल ट्रेन, प्रतिदिन चलेगी राजधानी

Buland Dustak

देश में सबसे पहले जयपुर में ‘Khadi Prakritik Paint’ इकाई का उद्घाटन

Buland Dustak

जायडस बायोटेक पहुंचे मोदी, कोरोना वैक्सीन का करेंगे निरीक्षण

Buland Dustak