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October 30, 2026
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सावधान : दिल्ली मेट्रो में अब यह गैंग हो रहा है सक्रिय !

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की लाइफ लाइन माने जाने वाली मेट्रो में एक नया गैंग तैयार हो रहा है। यह गैंग लोगों से सहानुभूति और भरोसा हासिल कर ठगी कर रहा हैं। दिल्ली पुलिस ने गैंग के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो बाहरी दिल्ली स्थित बवाना जेजे कॉलोनी के रहने वाले हैं। इस गैंग में शामिल युवा और नाबालिग मिलकर ‘गड्डीबाज गैंग’ चलाते हैं जो मेट्रो यात्रियों से ठगी करते है। ऐसे एक दर्जन से ज्यादा गैंग मेट्रो पुलिस द्वारा पकड़े गए हैं।

गैंग नाबालिगों को दे रहे है ट्रैनिंग

इस गैंग के सदस्य जेजे कॉलोनी के नाबालिगों को लगातार इस तरह की ठगी के लिए तैयार कर रहे हैं। ठगी के दौरान पकड़े जाने पर भी नाबालिग को लोग छोड़ देते हैं। इस वजह से ही नाबालिगों को गैंग में शामिल किया जा रहा है। डीसीपी जितेंद्र मणि ने बताया कि इस गैंग में एक नाबालिग और एक मास्टरमाइंड होता है। कई बार दोनों किरदार नाबालिग होते हैं।

दिल्ली मेट्रो में

ऐसे देते है वारदात को अंजाम

दिल्ली मेट्रो में सबसे पहले वह अपने शिकार को चिन्हित करते हैं। नाबालिग बेहद घबराई हालत में उस शख्स के पास जाता है, जिसके साथ वे ठगी करने वाले होते हैं। कुछ देर बाद दूसरा साथी उसके पास अंजान बनकर आता है। वह उससे घबराहट का कारण पूछता है। इस बीच शिकार को भी बच्चे पर दया आ जाती है। दोनों मिलकर जब पूछते हैं तो बच्चा बताता है कि वह घरेलू नौकर है।

मालिक उसे बहुत मारता था, इसलिए वह उसके घर से नोटों का बंडल लेकर भाग गया है। वह कागज या कपड़े में लिपटे बंडल को दिखाता है, जिसमें ऊपर 500 या 2000 का नोट होता है। वह बताता है कि मालिक उसका पीछा कर रहा है।

उसके बाद नाबालिग कहता है कि अगर ये रुपये उसके पास रहे तो वह पकड़ा जाएगा। वह शिकार से कहता है कि उसे कुछ रुपये, मोबाइल या उसके पास मौजूद गहने दे दे। इसके बदले नोटों का बंडल वह दे देगा। नाबालिग का साथी शिकार को समझाता है कि ये फायदे का सौदा है। कई लोग इनके झांसे में आकर अपना पर्स, मोबाइल एवं गहने तक दे देते हैं।

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आरोपितों के जाने के बाद पता चलता है ठगी का

वारदात को अंजाम देने के बाद जब आरोपित चले जाते है तब पीड़ित गड्डी को खोलकर देखता हैं तो उसमें केवल ऊपर असली नोट होता है। नीचे सभी अखबार की रद्दी होती है। यह रद्दी नोट के साइज के होते है जिसकी वजह से शिकार आसानी से फंस जाता है। ऐसे आधा दर्जन से ज्यादा मामले बीते कुछ समय में दिल्ली पुलिस के सामने आए हैं।

मेट्रो परिसर व बाहर देते है वारदात को अंजाम

डीसीपी जितेंद्र मणि ने बताया कि मेट्रो यात्रियों से ठगी करने वाला गड्डीबाज गैंग आये दिन वारदात करता है। यह गैंग न केवल मेट्रो परिसर के अंदर बल्कि स्टेशन के बाहर और बस अड्डों पर भी सक्रिय रहता है। गैंग के सभी सदस्य बवाना जेजे कॉलोनी के रहने वाले हैं। उन्होंने अभी तक जितने भी गैंग पकड़े हैं उनमें सभी आरोपित बवाना जेजे कॉलोनी के रहने वाले थे।

डीसीपी जितेंद्र मणि ने बताया कि इस तरह की ठगी का नया अड्डा बनने के चलते क्षेत्र के डीसीपी को उन्होंने इसकी जानकारी दी है। उन्हें उम्मीद है कि अगर उस क्षेत्र में पुलिस नाबालिगों एवं युवाओं की काउंसलिंग करेगी तो वह अपराध की राह पर नहीं चलेंगे। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस को इन गुमराह हुए नाबालिगों को युवा पहल से उन्हें जोड़ने की आवश्यकता है ताकि उन्हें रोजगार से जोड़ा जा सके।

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