19.1 C
New Delhi
October 30, 2026
हेल्थ

दीपावली के दिन सूरन (जिमीकंद) की सब्जी खाने की है परम्परा

दीपावली के दिन जिमीकंद की सब्जी खाने की परम्परा है। इसे सूरन (जिमीकंद) कहीं ओल और कहीं कांद भी बोलते हैं। दीपावली के तीन-चार दिन पहले से ही बाजार में हर सब्जी वाला इसे जरूर रखता है। लखनऊ की सब्जी बाजारों आजकल जिमीकंद दिखाई पड़ रहा है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनि जंगलों में रहते हुए कंदमूल ही खाकर ही सौ वर्षो तक स्वस्थ जीवन जीते थे।

सूरन की सब्जी

चूंकि यह सब्जी देखने में भी नहीं सुहाती है और खाने पर गले में चिनचिनाती है। लेकिन चूंकि दीपावली पर यही सब्जी बनती थी तो इसे खाना ही पड़ता था । बड़े बोलते थे कि आज के दिन जिमीकंद नहीं खायेगा अगले जन्म में छछुंदर का जन्म लेगा। यही सोच कर खाये जा रहे है कि छछुंदर न बन जाय। अपने से छोटों को भी जिमीकंद खाने की सीख दे रहे हैं।

सूरन की सब्जी में है कई बीमारियों से लड़ने के गुण

सब्जियों में सूरन (जिमीकंद) ही एक ऐसी सब्जी है जिसमें फास्फोरस अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है। अब तो मेडिकल साइंस ने भी मान लिया है कि इस एक दिन हम देशी सूरन की सब्जी खा ले तो स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में महीनों फास्फोरस की कमी नहीं होगी।

Also Read: सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश: पटाखों पर रोक सुनिश्चित करें एजेंसियां

यह बवासीर से लेकर कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों से बचाए रखता है। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि इसमें फाइबर, विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन बी1 और फोलिक एसिड होता है। साथ ही इसमें पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम भी पाया जाता है।

पता कि ये परंपरा कब से चल रही है लेकिन सही कि हमारे लोक परम्पराओं में भी वैज्ञानिकता छुपी हुई होती थी। पूर्वजों ने विज्ञान को हमारी परम्पराओं, रीतियों और संस्कारों में पिरो दिया। जो खुशी के साथ हमे स्वास्थ्य भी प्रदान करती है।

Related posts

गिलोय : आयुर्वेद से कटेगा कोरोना, गिलोय गोली का सफल परीक्षण

Buland Dustak

कैसे ‘क्रोध’ सेहत को प्रभावित करता है?

Buland Dustak

नुकसानदायक हो सकता है अधिक नमक खाना

Buland Dustak

एलर्जी की समस्या वाले लोगों के लिए भी सुरक्षित है कोरोना का टीका

Buland Dustak

क्या जरुरत से अधिक पानी पीना सेहत के लिए है हानिकारक?

Buland Dustak

इस सर्द मौसम में करें अपने होठों की देखभाल- शहनाज हुसैन

Buland Dustak