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October 30, 2026
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अब वायुसेना और नौसेना की तरह सेना के लड़ाकू विमान उड़ाएंगी महिला पायलट

- आर्मी एविएशन में शामिल करने के लिए दो ​महिला अधिकारियों का चयन 
- कॉम्बैट ​​आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल से एक साल का प्रशिक्षण पूरा करेंगी
- ​2022 में फ्रंट लाइन फ्लाइंग ड्यूटी में शामिल होंगी दोनों महिला अधिकारी

नई दिल्ली: आखिरकार लम्बे इन्तजार के बाद भारतीय सेना की ​कॉम्बैट ​​आर्मी एविएशन में शामिल करने के लिए दो ​महिला पायलट का चयन कर लिया गया है। अब वायुसेना और नौसेना की तरह भारतीय सेना की महिलाएं भी एक साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लड़ाकू विमान उड़ाती नजर आएंगी। आर्मी एविएशन कॉर्प्स में अभी तक ​​महिला अधिकारियों को​​​​ सिर्फ ग्राउंड ड्यूटी सौंपी जाती थी। दोनों महिला अधिकारियों को महाराष्ट्र के नासिक स्थित ​कॉम्बैट ​​आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल भेजा दिया गया है, जहां उन्होंने ट्रेनिंग भी शुरू कर दी है।

महिला पायलट

सेना की विमानन इकाई को एयर कॉर्प्स के रूप में जाना जाता है। इन इकाइयों को देश की वायु सेना से अलग रखा जाता है। आर्मी एविएशन में आम तौर पर हेलीकॉप्टर और हल्के समर्थन (लाइट सपोर्ट) वाले फिक्स्ड विंग विमान शामिल होते हैं। नवम्बर, 1986 में स्थापित आर्मी एविएशन कॉर्प्स से ध्रुव उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर, चेतक, चीता और चीतल हेलीकॉप्टर संचालित होते हैं।

ग्राउंड ड्यूटी पर की महिला पायलट को कोर्स में किया जायेगा शामिल

आर्मी एविएशन कॉर्प्स में अब तक केवल पुरुष अधिकारियों को ही शामिल किया गया है। यह कॉर्प्स सियाचिन ग्लेशियर सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेना की तैनाती में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सेना में महिलाओं की संख्या पिछले 6 सालों में लगभग तीन गुना बढ़ी है और उनके लिए आगे भी रास्ते खुले हैं। सरकार ने फरवरी, 2021 में संसद को बताया कि मौजूदा समय में सेना, नौसेना और वायु सेना में 9,118 महिलाएं हैं।

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सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने सालाना प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि आर्मी एविएशन में अब तक ग्राउंड ड्यूटी पर रहने वाली महिला ऑफिसरों को इस साल जुलाई से शुरू होने वाले कोर्स में शामिल किया जायेगा। एक साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आर्मी एविएशन में महिला फाइटर पायलट होंगी। उन्होंने इस बारे में दिसम्बर, 2020 में एक प्रस्ताव सरकार को भेजा था, जिसके मंजूर होने के बाद सेना प्रमुख नरवणे ने पिछले महीने महिला अधिकारियों को सेना की विमानन शाखा का चयन करने की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद ​पंद्रह महिला अधिकारियों ने स्वेच्छा से आर्मी एविएशन में शामिल होने की इच्छा जताई थी।

कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में किया जाएगा प्रशिक्षित

इनमें से केवल दो महिला अधिकारियों को पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट (पीएबीटी) और मेडिकल टेस्ट के बाद कड़ी चयन प्रक्रिया के माध्यम से लड़ाकू पायलट के लिए चुना गया है। सेना की दोनों महिला अधिकारियों को कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल, नासिक महाराष्ट्र में हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ​महिला अधिकारियों का पहला बैच जुलाई, 2021 में पायलट बनने के लिए प्रशिक्षण शुरू करेगा।

एक साल का ​प्रशिक्षण ​पूरा होने ​के ​बाद ​यह महिला अधिकारी जुलाई​,​ 2022 तक ​सेना के ​​लड़ाकू विमान उड़ाती नजर आएंगी। आर्मी एविएशन में चेतक, चीता और चीतल हेलीकॉप्टर अहम भूमिका निभाते हैं। वायुसेना में महिला पायलट पहले से ही मिग-21 बाइसन, सुखोई-30 और राफेल का संचालन कर रही हैं। इसी तरह नौसेना ने सितम्बर, 2020 में हेलीकॉप्टर स्ट्रीम के लिए चुनी गई दो महिला अधिकारियों को युद्धपोतों के उड़ान डेक पर तैनात किया था।

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