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October 30, 2026
एजुकेशन/करियर

“परीक्षा पे चर्चा”-2021 में अभिभावक भी कर सकेंगे प्रधानमंत्री से संवाद

– प्रतिभागियों को ऑनलाइन माध्यम से इस परीक्षा पे चर्चा प्रतियोगिता चुना जाएगा

प्रधानमंत्री का मार्च माह में आयोज‍ित होने वाला “परीक्षा पे चर्चा” का संस्‍करण कई मायनों में खास रहने वाला है। पहला, कोविड-19 के कारण यह वर्चुअल माध्‍यम से आयोजित होगा। इसके अलावा प‍िछले तीन सालों में जहां यह केवल देश और विदेश के व‍िद़यार्थियों के लिए ही होता था, वहीं इस बार परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्रों के अलावा माता-पिता और शिक्षक भी प्रधानमंत्री से इस कार्यक्रम में संवाद में कर सकेंगे।

“परीक्षा पे चर्चा”-2021

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्‍यम से प्रधानमंत्री द्वारा स्कूली छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ संवाद कार्यक्रम, परीक्षा पे चर्चा-2021 के चौथे संस्करण की शुरुआत की घोषणा की। उन्‍होंने कहा क‍ि छात्रों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री की वार्षिक बातचीत “परीक्षा पे चर्चा” इस साल कोविड -19 महामारी के मद्देनजर मार्च में आयोजित की जाएगी।

पहल की घोषणा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक ट्वीट में लिखा, ‘जैसा कि हमारे बहादुर एग्जाम वारियर्स अपनी परीक्षा के लिए अब तैयार हो रहे हैं। ‘परीक्षा पे चर्चा 2021′ वापस आ गया है। इस बार ये कार्यक्रम पूरी तरह से ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा और पूरी दुनिया से छात्र इसमे भाग ले सकते हैं। उन्‍होंने कहा, आओ, हम एक मुस्कान के साथ और बिना तनाव के इस परीक्षा में शामिल हों’।

कार्यक्रम के लिए पंजीकरण शुरू, 14 मार्च पंजीकरण की अंतिम त‍िथि

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश ने कहा क‍ि परीक्षा पे चर्चा एक बहुप्रतीक्षित वार्षिक कार्यक्रम है, जहां प्रधानमंत्री अपनी विशिष्ट शैली के जरिये लाइव कार्यक्रम में छात्रों को परीक्षा के तनाव से निपटने और संबंधित क्षेत्रों से संबंधित सवालों के जवाब देते हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा 9 से 12 तक के स्कूली छात्रों से परीक्षा के तनाव से निपटने से संबंधित प्रश्न माईगॉव प्लेटफॉर्म के माध्यम से आमंत्रित किए जाएंगे और चयनित प्रश्नों को कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि देशभर के स्कूली छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों का चयन एक ऑनलाइन रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के माध्यम से किया जाना है। इसके लिए विशेष रूप से माईगॉव पर प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है।

निशंक ने कहा क‍ि प्रतियोगिता में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए अलग-अलग विषय निर्धारित किए गए हैं। आवेदक इस प्लेटफॉर्म पर अपना प्रश्न भी पूछ सकते हैं। चयनित प्रतिभागी अपने संबंधित राज्य और संघ राज्य क्षेत्र मुख्यालय से ऑनलाइन कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक स्पेलशल पीपीसी किट (परीक्षा पर चर्चा किट) के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता के लिए पोर्टल 14 मार्च तक खुला रहेगा।

लेखन प्रतियोगिता के लिए विषय

छात्रों के लिए पांच व‍िषय: पहला, परीक्षा त्‍योहार की तरह हैं, उन्‍हें मनाएं। दूसरा, अतुल्‍य भारत, यात्रा और खोज। तीसरा, जैसाक‍ि एक यात्रा समाप्‍त होती है और एक शुरू होती है। चौथा, आकांक्षा कुछ बनने के नहीं लेक‍िन कुछ करने के सपने देखो। पांचवा, आभारी रहें।

शिक्षकों के लिए विषय: ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली – इसके लाभ और इसे और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है।

अभ‍िभावकों के लिए विषय

1- आपके शब्द आपके बच्चे की दुनिया बनाते हैं - प्रोत्साहित करें, जैसा कि आपने हमेशा किया भी है।
2- अपने बच्चे के दोस्त बनें - उसे अवसाद से दूर रखें।

श‍िक्षा मंत्री ने कहा क‍ि एनसीईआरीटी के समन्‍वयक और व‍िश्‍लेषक इसको व‍िश्‍लेषित करेंगे। सभी प्रदेशों से इसमें चयनित होने वाले सीधे-सीधे प्रधानमंत्री से संवाद कर सकेंगे। उल्‍लेखनीय है क‍ि केंद्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन को लेकर विद़यार्थियों में तनाव और भय को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने चार साल पहले 16 फरवरी 2018 को “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम की शुरुआत की थी।

यह भी पढ़ें- सरकार ने शिक्षा प्रौद्योगिकी का नया संस्करण नीट-2.0 किया लॉन्च

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