प्रयागराज

विकास प्राधिकरण के रहते प्रयागराज स्मार्ट सिटी लिमिटेड के औचित्य पर उठा सवाल

-सिविल लाइन्स के व्यापारियों को वाहन पार्किंग स्थल पर रखने का निर्देश

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीडीए व नगर निगम के रहते शहर के विकास व सुन्दरीकरण के लिए प्रयागराज स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सेवा लेने के औचित्य पर सवाल उठाया है और जानकारी मांगी है।

कोर्ट ने कहा कि जब प्राधिकरण व नगर निगम है तो प्रयागराज स्मार्ट सिटी लि. से शौचालय बनवाना समझ से परे है। कोर्ट ने कहा कि क्या शहर मे विभिन्न स्थल पर बन रहे शौचालय पीडीए के मास्टर प्लान के अनुसार बनाये जा रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि शौचालय छोटे बने और शहर का सुन्दरीकरण हो, न कि सुन्दरता नष्ट कर दी जाय।

कोविड मामले में कायम जनहित याचिका की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति अजित कुमार की खंडपीठ ने सड़कों पर पुलिस तैनात न करने पर कड़ी फटकार लगायी, तो अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने शहर की पांच सड़कों पर पुलिस तैनाती की जानकारी दी।

कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर चंदन शर्मा व शुभम् द्विवेदी को क्रास चेक कर रिपोर्ट देने को कहा है। कोर्ट ने कोरोना प्रभावित अन्य जिलों जैसे गौतमबुद्ध नगर व मेरठ में भी संक्रमण नियंत्रण के लिए सड़कों पर पुलिस तैनाती की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

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व्यापार मंडल के सचिव ने इस आशय का हलफनामा दाखिल किया

कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि चालान के पैसे का इस्तेमाल कोविड संक्रमण नियंत्रण के लिए किया जाय। कोर्ट ने कानपुर रोड से अतिक्रमण हटाने व लाइटिंग करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सिविल लाइन्स व्यापार मंडल को अपने वाहन मल्टी लेबल पार्किंग में ही रखने का निर्देश दिया है। व्यापार मंडल के सचिव ने इस आशय का हलफनामा दाखिल किया। कोर्ट ने सभी सदस्यों से हलफनामा मांगा है कि वे पार्किंग में ही वाहन रखेंगे।

कोर्ट ने पीडीए व नगर निगम से सिविल लाइन्स की दुकानों, होटल, रैस्टोरेंट आदि के नक्शा का पुनरीक्षण करने का निर्देश दिया है और कहा है कि देखे जिन नक्शों में पार्किंग है, उसका उपयोग क्यों नहीं हो रहा है। 

अपर महाधिवक्ता ने बताया कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल का दूसरा गेट 10 दिसम्बर तक चालू हो जायेगा। फंड की कमी आड़े आ रही है। इस पर कोर्ट ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा व अपर मुख्य सचिव चिकित्सा अध्ययन को तीन दिन मे फंड मुहैया कराने का निर्देश दिया है । कैन्ट एरिया में पब्लिक को आने जाने की अनुमति देने के मामले मे कानून पेश करने को कहा है। याचिका की अगली सुनवाई 23 नवम्बर को होगी। उस दिन कोर्ट ने सभी से रिपोर्ट मागी है।

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