19.1 C
New Delhi
October 30, 2026
देश

वायुसेना ने फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द करगिल-गर्ल’ पर जताई आपत्ति

- सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) रद्द करने को कहा
- कोरोना के चलते सिनेमा घरों की बजाय आज ही नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई 

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना ने फिल्म गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल के ट्रेलर पर आपत्ति जताई है। आईएएफ ने सेंसर बोर्ड को चिट्ठी लिखकर फिल्म को दिए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को रद्द करने को कहा है। वायुसेना का कहना है कि फिल्म के ट्रेलर में छेड़छाड़ की गई है, क्योंकि स्क्रीनिंग के दौरान इन दृश्यों को नहीं दिखाया गया था। यह फिल्म वायुसेना की पहली महिला पायलट गुंजन सक्सेना के जीवन पर आधारित है। 

गुंजन सक्सेना

अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘गुंजन सक्सेना-द कारगिल गर्ल’ कोरोना वायरस के चलते सिनेमा घरों के बजाय बुधवार को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है। फिल्म में जाह्नवी कपूर ने भारतीय वायुसेना की पहली महिला पायलट गुंजन सक्सेना का किरदार निभाया है। इसके पंकज त्रिपाठी और अंगद बेदी भी अहम किरदार में है। फिल्म की शुरुआत में निर्माता-निर्देशकों की ओर से वायुसेना के प्रति सहयोग के लिए आभार जताया गया है कि इस समय वायुसेना में 1,625 महिला अधिकारी कार्यरत हैं।

वायुसेना ने सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर आपत्ति जताई

स्क्वाड्रन लीडर गुंजन सक्सेना बतौर हेलीकॉप्टर पायलट वायुसेना में शामिल हुई थीं। कारगिल युद्ध के दौरान वे चीता लाइट ट्रासंपोर्ट हेलीकॉप्टर फ्लाई करती थीं और युद्ध के मैदान में सैनिकों के लिए राशन और दूसरा सामान सप्लाई करती थीं। इसके अलावा वे कॉम्बेट जोन से घायल सैनिकों को निकालकर अस्पताल पहुंचाने का काम करती थीं। सात साल तक वायुसेना को अपनी सेवाएं देने के बाद उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया था। उनके पति भी वायुसेना के अधिकारी रह चुके हैं। 

वायुसेना ने सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है कि फिल्म में वायुसेना को गलत तरीके से दर्शाया गया है‌, जबकि फिल्म बनने से पहले वादा किया गया था कि इसके जरिए युवाओं को वायुसेना में शामिल होने की प्रेरणा मिलेगी। इसके विपरीत फिल्म में दिखाया गया है कि गुंजन सक्सेना को पुरुष-प्रधान वायुसेना में अपना मुकाम हासिल करने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी थी।

पत्र में वायुसेना ने इसी पर आपत्ति जताते हुए लिखा है कि देश में वायुसेना ही पहली ऐसी फोर्स है, जिसने महिलाओं को युद्ध के मैदान में लड़ने का मौका दिया है। वायुसेना का कहना है कि फिल्म के निर्माता और प्रोडक्शन हाउस, नेटफ्लिक्स और धर्मा प्रोडक्शन से फिल्म के आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन उन आपत्तियों को फिल्म रिलीज करने के समय तक नजरअंदाज किया गया है। वायुसेना का कहना है कि फिल्म के ट्रेलर में भी छेड़छाड़ की गई है क्योंकि स्क्रीनिंग के दौरान इन दृश्यों को नहीं दिखाया गया था। 

यह भी पढ़ें: कंगना रनौत: पहाड़ी की ढलान से अभिनय के शिखर तक

Related posts

परमाणु सहयोग पर ​भारत-अमेरिका के बढ़े कदम

Buland Dustak

शारदीय नवरात्र विंध्य कॉरिडोर का मॉडल बनाने का बेहतरीन मौका

Buland Dustak

जाते-जाते ग्राम प्रधान के कुबेर का खजाना बन्द कर गया 2020

Buland Dustak

​इस बार लाल किले पर नहीं बजेगा सेना का बैंड

Buland Dustak

उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड को मुख्यमंत्री धामी ने किया भंग, तीर्थ पुरोहितों में हर्ष की लहर

Buland Dustak

किसान आंदोलन से पंजाब में संकट, अभी तक हज़ारों करोड़ का नुकसान

Buland Dustak