भारत के युवा अपना अधिकतर समय सोशल मीडिया पर व्यतीत करते हैं और वजह है कि यहाँ इन सभी कम्पनियों का बड़ा मार्केट है जिससे उनको फायदा भी अधिक होता है। लेकिन पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया कम्पनियों और भारत के बीच “IT नियमों” को लेकर खींचतान चल रही है। इसी बीच सोशल मीडिया कम्पनी ‘WhatsApp’ ने सरकार के सारे नियमों को मान लिया है जिसकी वजह से हाल ही में WhatsApp ने 20 लाख लोगों के अकाउंट को Ban कर दिया है।

क्या कहता है नया “IT Rule”?
“मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता” नियम 2021 के अंदर 4(1)डी नियम आता है जिसके अंतर्गत जितने भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म मौजूद हैं और अगर उनके पास 50 लाख से अधिक उसके उपयोगकर्ता हैं ऐसे में उन सभी कम्पनियों को हर महीने की रिपोर्ट लानी होगी।
यानी पिछले 30 दिनों में अगर कोई उपयोगकर्ता कोई शिकायत दर्ज कराता है तो क्या कदम उठाए गए। आपत्तिजनक सन्देशों को लेकर WhatsApp ने क्या कदम उठाए? ऐसे ही सवालों के जवाब को लेकर नए IT नियम के तहत WhatsApp ने अपनी पहली रिपोर्ट निकाली है जिसमें 15 मई से 15 जून 2021 तक 20 लाख लोगों के अकाउंट को लेकर कड़े कदम उठाए गए हैं और उनके अकाउंट को Ban कर दिया गया है।
इसमें 90% ऐसे अकाउंट हैं जो कि”स्पैम” सन्देश भेजा करते हैं। यानी ऐसे सन्देश जिससे आपका कोई वास्ता नहीं होता लेकिन फिर भी आपको बेमतलब के सन्देश आते हैं। ऐसे ही अकाउंट को WhatsApp ने बन्द कर दिया है। लेकिन यह कदम नया नहीं है, WhatsApp पूरी दुनिया में हर महीने करीब 80 लाख लोगों के अकाउंट को Ban करता है और इतनी संख्या में 25% अकाउंट इस बार अकेले भारत की है।
WhatsApp ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा?
कई बार ठगी के सन्देश भी WhatsApp के ज़रिये भेजे जाते हैं और लोग उनके झांसे में आकर अपने पैसे गंवा देते हैं। इस वजह से WhatsApp का कहना है कि व्यक्ति किसी के झांसे में आए, उससे पहले ही आपत्तिजनक सन्देश भेजने वालों के अकाउंट को Ban करके मामला वहीं खत्म किया जा रहा है। ताकि आने वाले समय में किसी को कोई भी हानि ना पहुंच सके।
सवाल यह है कि आखिर WhatsApp किसी भी अकाउंट को कैसे Ban करता है? तो दुरुपयोग सन्देशों के बारे में पता लगाने के लिए वाट्सएप्प ने तीन स्टेज बनाए हैं, जैसे पहला है “रजिस्ट्रेशन”। यदि कोई व्यक्ति किसी सन्देश के द्वारा अपना पंजीकरण करवा रहा है तो वह किस प्रकार का रजिस्ट्रेशन कर रहा है, कहीं उसमें कुछ गलत गतिविधि तो नहीं है इत्यादि जैसी हरकतों पर अपनी पैनी नज़र बनाए रखता है।
उसके बाद दूसरा है “मैसेजिंग” यानी सन्देश सेवा। यदि कोई व्यक्ति को आपत्तिजनक सन्देश आते हैं तो WhatsApp अपनी ओर से “रिपोर्ट” तथा “ब्लॉक” का ऑप्शन देता और अगर व्यक्ति इसका उपयोग करता है तब वाट्सएप्प के पास इस गतिविधि की जानकारी जाती है और वह इस सन्देश की तहकीकात करने में जुट जाता है और उसकी जांच कुछ गड़बड़ पाया गया तो उसमे अकाउंट को Ban कर दिया जाता है। इसके अलावा वाट्सएप्प के पास एक टीम है तथा कुछ टूल्स हैं जिसकी मदद से अनावश्यक सन्देशों पर निगरानी रखी जाती है।
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क्या WhatsApp हमारे सन्देशों को पढ़ता है?
वाट्सएप्प में उपयोगकर्ताओं के द्वारा किये सन्देशों को खुद WhatsApp भी नहीं पढ़ सकता क्योंकि सारे सन्देश “इन्क्रिप्टेड” होते हैं। लेकिन बीते कुछ दिनों पहले इस नए “आई•टी नियम” का विरोध वाट्सएप्प ने किया था और कहा था यदि हमें लोगों के आपत्तिजनक सन्देशों पर निगरानी करनी है तो उपयोगकर्ताओं के “इनक्रिप्टेड सन्देशों” की सेक्युरिटी टूट सकती है जो कि हम ऐसा नहीं होने दे सकते।
अतः इस नए नियम को वापस लिए जाएं, मगर सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया। पूरे भारत में करोड़ों लोग वाट्सएप्प चलाते हैं, ऐसे में वह इतनी अधिक उपयोगकर्ताओं को खोना नहीं चाहेगा और इसी वजह से अंत में इस समस्या का समाधान उसने खुद ही निकाल लिया है। वाट्सएप्प का कहना है कि वह टेक्नालॉजी के क्षेत्र में भारी निवेश कर रहा है ताकि उपयोगकर्ताओं के सन्देश सुरक्षित रहें।
“आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” की मदद से अब वाट्सएप्प लोगों के आपत्तिजनक सन्देशों की निगरानी कर रहा है। इन सब के अलावा धीरे-धीरे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म भी इस नियम को अपना रहे हैं और “फेसबुक” ने अपने 30 दिन की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इसमें यह कहा गया है कि 646 लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है जिसमें 73 उपयोगकर्ताओं ने उनकी “फेक प्रोफाइल” बनाने की शिकायत दर्ज कराई है।
198 शिकायत उनके फेसबुक अकाउंट को हैक करने के लिए दर्ज कराई गई है। जिसके जवाब में फेसबुक ने अपनी ओर से इसके प्रति कड़े कदम उठाए गए हैं। ट्विटर और गूगल ने पहले ही अपनी रिपोर्ट सरकार को दे दिया है। इन सबकी वजह से “फेक न्यूज” पर भी लगाम लगने के आसार दिखाई दे रहे हैं। तो कुल मिलाकर सरकार और सोशल मीडिया कम्पनियों के बीच जो मामला बिगड़ गया था वह अब सुलझता हुआ दिख रहा है।
-यशस्वी सिंह