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October 30, 2026
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प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना-2021 से 12,000 किसान लाभान्वित

मुंगेर: प्रधानमंत्री मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 2021 से मुंगेर जिले के 12,000 किसान वर्ष 2021 में लाभान्वित हो रहे हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में वर्णित पोषक तत्वों की कमी को देखकर किसान अपने खेतों में खाद डाल रहे हैं और कम कीमत में अधिक पैदावार ले रहे हैं। इस योजना से किसानों के फसलों की उत्पादक क्षमता भी बढ़ रही है।

मुंगेर से यह रिपार्ट

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2021 में देश के 14 करोड़ किसानों के खेतों की मिट्टी जांच कर उनलोगों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान करने का लक्ष्य तय किया है। केन्द्र सरकार चाहती है कि किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड में बताए पोषक तत्वों की कमी की पूर्ति खाद से करें और खेतों की उर्वरा शक्ति को बढ़ाकर कम कीमत में अच्छी पैदावार प्राप्त करें।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड

मुंगेर जिले के नौवागढ़ी के किसान डॉ. शिवनन्दन प्रसाद बताते हैं कि जिस प्रकार मनुष्य के स्वास्थ्य की जांच के लिए खून जांच की जरूरत होती है, उसी प्रकार खेत की मिट्टी के स्वास्थ्य की जांच की हमेशा जरूरत है। हम किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड की रिपोर्ट का लाभ खेती कार्य में उठा रहे हैं।

मुंगेर जिले के नौवागढ़ी ग्राम के किसान चन्दन कुमार बताते हैं कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों के लिए बहुत जरूरी है। कार्ड से किसान के खेतों की मिट्टी में पोटाश, जिन्क, फास्फोरस, नाईट्रोटन, आयरन इत्यादि की कमी की जानकारी मिलती है और किसान कार्ड की रिपोर्ट के अनुरूप खेतों में खाद डाल रहे हैं और उर्वरा शक्ति में संतुलन बनाते हैं जिससे कम कीमत में मजबूत अनाज की पैदावार ले रहे हैं।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसानों मिट्टी में कई तरह की कमियों का पता चलता है

मुंगेर जिले के टीकारामपुर ग्राम के किसान देव कुमार बताते हैं कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड से किसानों के खेतों की मिट्टी में पोटाश, जिन्क, फास्फोरस, नाइट्रोजन , कॉपर, मैगनेशियम की कमी का पता चलता है और किसान कार्ड की रिपोर्ट के अनुरूप अपने खेतों में खाद डालते हैं और खेतों की उर्वरा-शक्ति बढ़ाते हैं और अच्छी फसल लेते हैं।

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जिला कृषि पदाधिकारी ललित प्रसाद बताते हैं कि इस वर्ष मुंगेर जिले में सरकार ने 12 हजार किसानों के खेतों की मिट्टी जांच का लक्ष्य निर्धारित किया है । कृषि विभाग के आधुनिक मिट्टी जांच प्रयोगशाला में आधुनिक जांच उपकरणों से मिट्टी जांच चल रही हैं। अबतक लक्ष्य 12 हजार नमूनों के विरूद्ध अभी हम अबतक 9,890 किसानों के खेतों के नमूनों को एकत्रित कर उन मिट्टी के नमूनों की जांच कर रहे हैं।

मुंगेर के कृषि विभाग के मिट्टी जांच प्रयोगशाला के सहायक अनुसंधान पदाधिकारी मो. मुख्तार अहमद बताते हैं कि मिट्टी जांच प्रयोगशाला में मिट्टी की जांच बारह पैरामीटर की जा रही हैं।

मुंगेर जिला के कृषि विभाग के मिट्टी जांच प्रयोगशाला के दूसरे सहायक अनुसंधान पदाधिकारी हरेन्द्र कुमार सिंह बताते हैं कि मिट्टी के 12 अवयवों की जांच अलग-अलग मशीनों पर होती है। कार्ड में हमलोग बताते हैं कि किसान किन-किन खादों का उपयोग मिट्टी की उर्वरा बढ़ाने में करें।

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