- संक्षिप्त समारोह मेंराज्यपाल जगदीप धनखड़ ने दिलाई शपथ - भाजपा ने किया राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार
कोलकाता: तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने तीसरी बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। बुधवार सुबह 11:00 बजे के करीब राजभवन कोलकाता में राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है। कोविड-9 महामारी के चलते शपथ ग्रहण समारोह बेहद सादगी भरा रहा। ममता के मंत्री छह मई यानी कल शपथ ले सकते हैं।
शपथ लेने के बाद सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि `मेरी पहली प्राथमिकता है कि मैं राज्य में कोविड को कंट्रोल करूं। मैं राज्यपाल और सभी लोगों का शुक्रिया करती हूं। सभी लोग अब बंगाल की तरफ देख रहे हैं। मैं सभी राजनीतिक पार्टियों से टॉलरेंट बनने की अपील करती हूं। राज्य में किसी भी तरह का लॉ एंड ऑर्डर का उल्लंघन सहन नहीं होना चाहिए, कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मैं आज से ही राज्य की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी लूंगी। हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’

बंगाल के मुख्यमंत्री शपथ के लिए वरिष्ठ नेता हुए उपस्थित
बुधवार को राजभवन में हुए शपथ ग्रहण सामारोह में पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, निवर्तमान सदन के नेता प्रतिपक्ष अब्दुल मन्नान और माकपा के वरिष्ठ नेता बिमान बोस भी मौजूद रहे। मिली जानकारी के मुताबिक ममता के शपथ ग्रहण में बीसीसीआई प्रेसिडेंट सौरभ गांगुली और बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष के अलावा प्रशांत किशोर को भी बुलाया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक, देश में कोविड-19 महामारी की वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार हिंसा और बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमले से क्षुब्ध बीजेपी ने ममता बनर्जी के शपथ समारोह का बायकॉट किया। हिंसा के खिलाफ बीजेपी ने धरना देने की भी घोषणा की है। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में बीजेपी के नेता गणतंत्र रक्षा की शपथ लेंगे।
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