आज के समय में अधिकतर युवा वर्ग अपना अधिकतर समय सोशल मीडिया पर व्यर्थ करते रहते हैं। उनको इस बात की भी भनक नहीं होती कि उनका कीमती समय लगातार नष्ट हो रहा है। साथ ही उनकी सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है क्योंकि इसका उपयोग करते वक्त आँखों पर अधिक ज़ोर देना पड़ता है जिसकी वजह से आँखों की रोशनी कम होने लगती है।

लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप्प तथा ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म में इतना अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं कि वह अपनी निजी ज़िन्दगी तथा अपनों से दूर होते जा रहे हैं जो कि चिंताजनक बात है।
वर्तमान समय में सोशल मीडिया का कितना महत्व है?
तो इसका जवाब यह है कि आज़ादी के वक्त यदि सोशल मीडिया का उपयोग हुआ होता तो शायद लोग और जागरूक हो जाते एवं आज़ादी की लड़ाई में अधिक तेज़ी आ सकती थी और यही ताकत है सोशल मीडिया की। यानी यह परिणाम तय भी कर सकता है और बिगाड़ भी सकता है।
इसी लिए 2016 में ट्रम्प सरकार बनने की मुख्य वजह यह थी कि उसने सोशल मीडिया में भयंकर प्रचार किया था जिसका नतीजा यह रहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए। लेकिन इसका नकारात्मक पहलू यह है कि यदि लोग “फेक न्यूज” फैलाना बन्द कर दें हो सकता है लोग भृमित ना हो सकें और जो हकीकत है उससे रूबरू हो सकें।
सोशल मीडिया का इस्तेमाल कब करें?
अधिकतम 10 से 15 मिनट ही इसका उपयोग करना चाहिए। लेकिन जो लोग बेमतलब ही दिनभर सोशल मीडिया का प्रयोग करके अपना समय बर्बाद करते हैं उन्हें अब इस आदत में सुधार की ज़रूरत है। यहाँ तक कि व्यक्ति को इन सभी एप्प को अनइंस्टाल कर देना चाहिये क्योंकि इसकी वजह से व्यक्ति के समय की हानि के अलावा कुछ प्राप्त नहीं हो रहा है।
मगर यदि कोई व्यक्ति अपने सारे काम इसी से कर रहा हो या उसके लिए यह ज़रूरत हो तब वह इसका उपयोग आराम से कर सकता है लेकिन कुछ निर्धारित समय के अनुसार। बड़ा सवाल यह है कि कौन सी उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं?
तो इसका जवाब है कि अधिकतर 12 से 18 उम्र के बच्चों को इसकी लत लग रही है जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई पर भी गलत असर पड़ रहा है। लेकिन समय के साथ जब इंसान के अंदर परिपक्वता आ जाती है तो वह इन सबसे अपने आप ही दूरी बनाने लगता है और इसका कम से कम प्रयोग करता है।
Also Read: देश की 130 करोड़ आबादी में से 2% लोग भी नहीं चुकाते हैं इनकम टैक्स

सोशल मीडिया से कैसे अपने आप को दूर करें?
काफी लोगों के मन में यह भी रहता है कि वह इस आदत को छुड़ा पाएंगे या नहीं लेकिन कहा जाता है यदि कोई काम दृढनिश्चय के साथ किया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया से दूरी बनाना चाहता है या कम इस्तेमाल करना चाहता है, तो सबसे पहले उसको अपने अंदर एकाग्रता लानी चाहिए।
उसके बाद अपने आप को आंकना चाहिए कि कितने घण्टे इस पर व्यतीत हो रहे हैं और फिर धीरे-धीरे इसका उपयोग कम करन शुरू करें। हो सके तो इसका इस्तेमाल करने के लिए एक निश्चित समय तय कर लें या फिर दो या चार घण्टे के अंतराल के बाद ही फेसबुक या ट्विटर का उपयोग करें।
यदि कोई व्यक्ति अपने दोस्तों के साथ टहलने जा रहा हो या किसी छोटे काम को करने के लिए बाहर जाना हो या फिर यदि अपने परिवार के साथ घूमने जा रहे हों तो फोन को घर पर छोड़ जाना ही बेहतर होगा अन्यथा वहाँ अपने परिवार के साथ समय बिताने के बजाए इसी का ही प्रयोग होता रहेगा।
इसके अलावा किताबें पढ़ें या फिर फोन के अलावा जिसमें व्यक्ति की अधिक रुचि हो वही कार्य करें इससे उसका मन शांत तथा दिमाग तरोताज़ा रहेगा। साथ ही सबसे पहले अपने उन कार्यों को पूरा करें जो कि आपके लिए महत्वपूर्ण हैं उसके पूर्ण होने के बाद ही सोशल मीडिया की तरफ रुख करें। साथ ही सोने से पहले इसका उपयोग बिल्कुल भी ना करें क्योंकि देखी गई चीज़ को आप सोचते रहेंगे और इससे नींद प्रभावित होगी।
सोशल मीडिया के फायदे क्या हैं?
इसके नुकसान के अलावा अनेक प्रकार के फायदे भी मौजूद हैं जैसे व्यक्ति को घटना के घटित होते ही सबसे पहले खबर पता चल जाती है। सोशल मीडिया पर ज्ञानवर्धक चीज़ों को देखकर व्यक्ति अपना ज्ञान बढ़ा सकता है। अगर इसका प्रयोग निर्धारित समय के अनुसार किया जाए तो इसके अनेक फायदे हैं लेकिन अधिक समय व्यतीत करने से समय की हानि भी होती है।
सोशल मीडिया का प्रयोग कम करने पर व्यक्ति के ऊपर क्या प्रभाव पड़ेगा?
जो व्यक्ति अपना दो-तीन घण्टा वाट्सएप्प या फेसबुक पर बर्बाद कर रहा था यदि वह इसका इस्तेमाल करना बन्द कर दे तो यह कीमती समय बच जाएगा जिसका उपयोग वह किसी और बेहतर कार्य में कर सकता है। इसका अधिक उपयोग करने से टेंशन बढ़ती है।
इस लिए कम से कम इसका इस्तेमाल करके अपना मानसिक तनाव कम कर सकते हैं। तो कुल मिलाकर किसी भी चीज़ का प्रयोग यदि एक हद में किया जाए तभी वह लाभ करती है। लेकिन अगर उसी वस्तु का बेहिसाब इस्तेमाल किया जाए तो हानिकारक साबित होती है और यही बात सोशल मीडिया के अधिक उपयोग करने को लेकर भी लागू होती है।
–यशस्वी सिंह